ट्रंप बोले- ईरान पर 'शायद कल' हमला कर सकते हैं, 'शानदार और बड़ा' समझौता भी संभव
क्या है खबर?
ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार विरोधभासी बयान दे रहे हैं। अब उन्होंने कहा कि अमेरिका कल (रविवार) को ही ईरान पर हमला कर सकता है। हालांकि, उन्होंने तेहरान के साथ एक 'बड़ा और सुंदर समझौता' करने की संभावना को भी खुला रखा है। उन्होंने ये भी दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक समझौते पर पहुंचने में दिलचस्पी दिखा रहा है।
बयान
ट्रंप बोले- ईरान के साथ समझौता भी संभव
ईरान पर दोबारा हमला करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको ऐसा कहूंगा? शायद कल... ऐसी संभावना है कि मैं ऐसा कह दूं। यह भी संभव है कि हमारे बीच एक अच्छा, बड़ा और शानदार समझौता हो जाए। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन समस्या यह है कि क्या वे समझौते का पालन करेंगे?"
पश्चिम एशिया
हमारी सेना ने शानदार काम किया- ट्रंप
पश्चिम एशिया में अपनी सरकार की रणनीति का समर्थन करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमने शानदार काम किया है। हमारी नौसेना और सेना ने बेहतरीन काम किया है। उन्होंने ईरान के सभी लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है। 259 जहाज समुद्र में डूबे हुए हैं। उनके पास अब सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ महंगाई बची है।"
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
ईरान
ईरान बोला- अमेरिका को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया
तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया कि उसने अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बदले में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा है।
ईरान ने कहा कि उसने पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से कोई पहल नहीं की है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सऊदी अरब के एक मीडिया आउटलेट द्वारा प्रकाशित दावे 'झूठे और मनगढ़ंत' हैं।
दूतावास
अमेरिका ने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम की
अमेरिकी समाचार आउटलेट एक्सियोस ने गुप्त मेमो के हवाले से कहा कि पश्चिम एशिया समेत कई देशों में अमेरिकी अधिकारियों और राजनयिकों को ईरान निशाना बना सकता है।
इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कई अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को चिंता है कि बढ़ते तनाव से व्यापक टकराव छिड़ सकता है, जिससे अमेरिकी कर्मियों और राजनयिक सुविधाओं को और अधिक खतरा हो सकता है।