मोजतबा के बयान पर ट्रंप बोले- ईरान मजबूरी में मिला था, उसे कोई पैसा नहीं मिलेगा
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के जारी बयान के बाद इस्लामिक गणराज्य को एक बार फिर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने मोजतबा के बयान पर कहा कि अमेरिका समझौते के लिए मजबूर नहीं था बल्कि ईरान मजबूर था। ट्रंप ने कहा कि वह समझौते में बताए गए 60 दिनों का समय पूरा करेंगे और इस बीच ईरान को पुनर्निर्माण के लिए एक भी पैसा नहीं दिया जाएगा।
बयान
युद्ध ने ईरान को कमजोर दिया- ट्रंप
ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, 'युद्ध ने ईरान को कमजोर कर दिया! अब उनके पास वायुसेना-नौसेना, एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण, रडार और कोई चीज नहीं है। फिर भी डेमोक्रेट्स कहते हैं कि ईरान 4 महीने पहले के मुकाबले बेहतर है। कुछ लोग कितने बेवकूफ हो सकते हैं?' ट्रंप ने दूसरे पोस्ट में लिखा, 'हम मजबूरी में नहीं, ईरान मिला था। उनका खेल खत्म हो चुका है। हम 60 दिन का समय पूरा करेंगे। उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा, एक पैसा भी नहीं।'
बयान
मोजतबा ने कहा- समझौता करने को बेताब थे ट्रंप
मोजतबा ने एक बयान में कहा कि उन्होंने समझौते को तब मंजूरी दी, जब ईरानी अधिकारों की रक्षा का आश्वासन दिया गया, जबकि उनकी राय अलग थी। मोजतबा ने कहा कि पेजेश्कियन ने अपनी और दूसरे सदस्यों की तरफ से ईरानी देश और प्रतिरोध मोर्च के अधिकारों की सुरक्षा के बारे में जो वादा किया था, और उस जिम्मेदारी को मानने के कारण, मैंने अपनी इजाजत दे दी। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को समझौता करने के लिए बेताब बताया था।
समझौता
स्विट्जरलैंड में टली बैठक, लेबनान और इजरायल के बीच हमला
ट्रंप ने ईरान की आर्थिक मदद को लेकर यह बयान तब दिया, जब 19 जून शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली दोनों पक्षों की बैठक टाल दी गई। दोनों पक्षों को समझौते के बाद आगे की बातचीत के लिए जिनेवा में मिलना था, जिसके लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को यहां पहुंचना था। दूसरी तरफ, समझौता और युद्धविराम होने के बाद भी इजरायल का लेबनान पर हमला जारी है, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई है।
समझौता
समझौते में क्या है आर्थिक मदद और 60 दिन की शर्त?
समझौते के छठे बिंदु में कहा गया है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर (करीब 28 लाख करोड़ रुपये) की एक निश्चित और आपसी सहमति वाली योजना विकसित करने पर काम करेगा। इस योजना को लागू करने का तरीका 60 दिनों के अंदर होने वाले अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में तय किया जाएगा। ईरान से प्रतिबंध हटेगा और 60 दिन में अंतिम समझौता होगा।