अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन में क्या-क्या है?
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार रात को 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर कर दिए, जिससे समझौता प्रभावी तौर पर लागू हो गया है। व्हाइट हाउस ने समझौता ज्ञापन जारी किया है, जिससे दोनों के बीच हुई बातचीत की शर्तें सामने आ गई हैं। ज्ञापन में ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर (करीब 28 लाख करोड़ रुपये) देने की बात भी है, जिसे पहले ट्रंप नकार रहे थे।
समझौता 1-2
लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हमला तुरंत बंद
समझौते के पहले बिंदु में अमेरिका-ईरान और उनके सहयोगियों द्वारा लेबनान सहित सभी मोर्चों पर हमले तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने की घोषणा की गई है। वचन दिया गया कि अब वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई युद्ध या सैन्य अभियान शुरू नहीं करेंगे और धमकी देने से बचेंगे। साथ ही, लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सुनिश्चित करेंगे। दूसरे बिंदु में अमेरिका-ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे।
समझौता 3-4
अमेरिका 30 दिन में हटा देगा नौसैनिक नाकाबंदी
तीसरे बिंदु में कहा गया कि दोनों देश अधिकतम 60 दिनों में एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं, आपसी सहमति से समय-सीमा बढ़ सकती है। चौथे बिंदु के मुताबिक, अमेरिका तुरंत ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और 30 दिनों में इसे खत्म कर देगा। इस दौरान, आवाजाही का स्तर ईरान द्वारा बहाल युद्ध-पूर्व यातायात के अनुपात में होगा। अंतिम समझौता होने के 30 दिन में अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी सैन्य सेनाओं को हटाएगा।
समझौता 5
ईरान 60 दिन तक होर्मुज पर कोई शुल्क नहीं लेगा
समझौते के पांचवें बिंदु में कहा गया कि ईरान 60 दिनों तक फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत दिशा में वाणिज्यिक जहाजों का सुरक्षित आवागमन बिना किसी शुल्क के करेगा। तकनीकी, सैन्य बाधाओं और बारूदी सुरंग हटाने के बाद 30 दिनों में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही शुरू होगी। ईरान फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों के साथ चर्चा करके होर्मुज में भविष्य प्रशासन और समुद्री सेवाओं को तय करने के लिए ओमान से बातचीत करेगा।
समझौता 6
ईरान को मिलेगी 300 अरब डॉलर की मदद
समझौते के छठे बिंदु में कहा गया है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर की एक निश्चित और आपसी सहमति वाली योजना विकसित करने पर काम करेगा। इस योजना को लागू करने का तरीका 60 दिनों के अंदर होने वाले अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में तय किया जाएगा। साथ ही, सभी वित्तीय भुगतान के लिए आवश्यक लाइसेंस, छूट और अनुमतियां दी जाएंगी।
समझौता 7-8
ईरान से हटेंगे सभी प्रतिबंध, ईरान परमाणु हथियार नहीं इस्तेमाल करेगा
समझौते के सातवें बिंदु में बताया गया कि अंतिम समझौते के हिस्से के तौर पर, अमेरिका एक तय समय-सीमा में ईरान के खिलाफ सभी तरह के प्रतिबंध हटा लेगा। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव और अमेरिका के सभी एकतरफा प्रतिबंध (प्राथमिक-माध्यमिक) शामिल होंगे। समझौते के आठवें बिंदु में ईरान ने पुष्टि की है कि वह परमाणु हथियार हासिल (खरीदकर) नहीं करेगा और न ही उनका विकास करेगा।
जानकारी
यूरेनियम संवर्धन का निपटान आपसी सहमति से होगा
अमेरिका-ईरान यूरेनियम संवर्धित सामग्री के भंडार के निपटान के लिए आपसी सहमति से निपटाने पर सहमत हुए हैं। इसमें IAEA की देखरेख में साइट पर ही 'डाउनब्लेंडिंग' (संवर्धन स्तर कम करना) शामिल होगी। दोनों पक्ष संवर्धन और परमाणु जरूरतों के सहमति वाले मामलों चर्चा करेंगे।
समझौता 9-10
अंतिम समझौता होने तक दोनों देश यथास्थिति बनाए रखेंगे
समझौते के नौवें बिंदु में कहा गया कि अंतिम समझौते तक, अमेरिका और ईरान यथास्थिति बनाए रखेंगे। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा। अमेरिका कोई नया प्रतिबंध और क्षेत्र में अतिरिक्त सेना नहीं तैनात करेगा। समझौते के दसवें बिंदु में अमेरिका ने वादा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही, ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए छूट दी जाएगी। बैंकिंग लेनदेन, बीमा, परिवहन आदि सभी संबंधित सेवाओं के लिए भी छूट दी जाएगी।
समझौता 11-12
अमेरिका ईरान के फ्रीज फंड को जारी करेगा
समझौते के 11वें बिंदु में अमेरिका ने वादा किया कि इस समझौते के लागू होने पर ईरान के फ्रीज किए गए या प्रतिबंधित फंड को इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपलब्ध करा दिया जाएगा। बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान इन फंड को जारी करने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर आपसी सहमति बनाएंगे। समझौते के 12वें बिंदु में इस समझौते को सफलतापूर्वक लागू करने और उसके बाद होने वाले समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा।
समझौता 13-14
अंतिम समझौता UNSC के एक प्रस्ताव से अनुमोदित होगा
समझौते के 13वें बिंदु में बताया गया कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने और इसके शुरू होने के अधीन, इसके पैरा 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की शुरुआत, इनको लागू करने और इन उपायों के निरंतर कार्यान्वयन के बाद ही दोनों देश अंतिम समझौते के संबंध में बातचीत शुरू करेंगे। समझौते के 14वें बिंदु में कहा गया कि अंतिम समझौते को UNSC के एक प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
ट्विटर पोस्ट
अमेरिका और ईरान का 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन
🇺🇸🇮🇷 White House released full text of the MoU
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 17, 2026
The points summarised are as follows:
1. The U.S. and Iran, and their allies in the current war, by signing this MoU, declare the immediate and permanent termination of military operations on all fronts, including in Lebanon, and… pic.twitter.com/XiyeufaKY8