UN की डरावनी चेतावनी, 2100 तक 2.6 डिग्री बढ़ेगा धरती का तापमान
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट ने एक गंभीर सच्चाई सामने रखी है। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के देश ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को तेजी से कम नहीं कर रहे हैं। अगर सभी देश अपने जलवायु से जुड़े नवीनतम वादों को पूरी तरह से निभाते भी हैं, तो भी साल 2100 तक दुनिया का तापमान औद्योगिक काल से पहले के स्तर से 2.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो सकता है। यह पेरिस समझौते के तय लक्ष्य से कहीं बहुत ज्यादा है।
UN के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि हालात और बिगड़ने से पहले हमें ठोस कदम उठाने होंगे।
UN ने COP31 के लिए बेहतर जलवायु योजनाओं पर जोर दिया
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका जैसे बड़े उत्सर्जन करने वाले देश इस मामले में काफी पीछे रह गए हैं। अमेरिका में बिजली की बढ़ती मांग और कोयले के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से वहां का उत्सर्जन असल में बढ़ा है, खासकर पेरिस समझौते से अपनी पुरानी वापसी के बाद से।
हालांकि, कुछ G20 देशों ने अपने उत्सर्जन की रफ्तार को धीमा करने में कामयाबी पाई है, लेकिन यह कोशिश अभी भी काफी नहीं है।
COP31 सम्मेलन नजदीक आ रहा है, ऐसे में संयुक्त राष्ट्र सभी देशों से बेहतर जलवायु योजनाएं लेकर आने की अपील कर रहा है और इस संकट को वाकई एक आपात स्थिति मानकर गंभीरता से लेने की बात कह रहा है।