तालिबान ने पाकिस्तान पर शांति वार्ता कमजोर करने का आरोप लगाया, कहा- काबुल पर फोड़ा जा रहा समस्याओं का ठीकरा
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। काबुल की सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर शांति वार्ता को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
तालिबान सरकार के मंत्रियों का कहना है कि इस्लामाबाद अपनी राजनीतिक और सुरक्षा समस्याओं को सुलझाने के बजाय हमेशा काबुल को ही जिम्मेदार ठहराता रहता है।
यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से कहा था कि वह सीमा पार से हमला करने वाले आतंकवादियों को रोके।
सीमा पर झड़पों के बीच पाकिस्तान ने TTP का हवाला दिया
पाकिस्तान का कहना है कि उसने बार-बार अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा, पाकिस्तान ने बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और दूसरे आतंकी संगठनों को लेकर भी अपनी चिंता जताई है, जबकि पाकिस्तान ने व्यापार बढ़ाने, राजनयिक संबंधों को बेहतर बनाने और अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान को मध्य एशिया से जोड़ने वाली रेलवे लाइन बनाने जैसे कई प्रोजेक्ट पर काम किया है।
इन सबके बीच, सीमा पर हालिया झड़पें और हवाई हमलों व तोपखाने की गोलाबारी की खबरें हालात को और भी बिगाड़ रही हैं। इससे पूरे इलाके में स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।