ईरान ने पश्चिमी एशिया में अशांति के लिए अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया
ईरान ने खुलकर अमेरिका और इजरायल पर पश्चिमी एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है।
ईरान का कहना है कि इन दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई और इजरायल (तेल अवीव) को दिया जा रहा समर्थन ही इस अशांति की असली वजह है।
एक विमान हाईजैक की नाकाम कोशिश के बाद जब आतंकी खतरों पर चिंता जताई गई, तब भारत में ईरान के दूतावास ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
दूतावास ने साफ कहा, "सुरक्षा बमबारी, कब्जे, हत्या और आम नागरिकों को मारने से नहीं बनती।" ईरान ने स्पष्ट किया कि वे इन मौजूदा सैन्य तरीकों को ही समस्या की जड़ मानते हैं।
ईरान ने इजरायल की शांति प्रतिबद्धता पर उठाए सवाल
ईरान ने इजरायल की शांति के प्रति प्रतिबद्धता पर भी संदेह जताया है। ईरान का कहना है कि अरब क्षेत्रों में इजरायल के लगातार सैन्य अभियान और गाजा में बढ़ती आम नागरिकों की मौतें इस बात को साबित करती हैं।
दूतावास ने इस विचार को पूरी तरह गलत बताया कि गाजा और लेबनान के लोग सिर्फ किसी और के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि ये लोग अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ईरान ने आतंकवाद से लड़ने के तरीकों में दोहरा रवैया अपनाने की भी आलोचना की, खासकर सीरिया में कुछ सशस्त्र समूहों को इजरायल से कथित तौर पर समर्थन मिलने के मुद्दे पर।
साथ ही, ईरान ने यह भी दोहराया कि प्रतिबंधों के बावजूद वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता (देश की आजादी) की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है।