यूक्रेन युद्ध से सबक ले रहा ब्रिटेन, अपने युद्धक टैंकरों को उन्नत करने में जुटा
रूस और यूक्रेन युद्ध को देखते हुए ब्रिटेन की सेना अपने युद्धक टैंकों में बड़ा बदलाव कर रही है।
यूक्रेन युद्ध में बख्तरबंद वाहनों के उपयोग के तरीके ड्रोन पूरी तरह बदल चुके हैं, जिसे देखते हुए ब्रिटेन अपने चैलेंजर 3 मुख्य युद्धक टैंक को अपने पूर्ववर्ती चैलेंजर 2 की जगह उतारेंगे।
इसमें डिजिटल तकनीक और नए हथियार लगाए जाएंगे। इससे यह दूसरे NATO देशों की सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाएगा और आधुनिक खतरों, खासकर ड्रोनों का मुकाबला कर पाएगा।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हम यूक्रेन से मिल रहे ढेर सारे डेटा को ध्यान में रख रहे हैं ताकि इन बदलावों को सही दिशा दी जा सके।"
ब्रिटेन टैंकों के अपग्रेड पर $1 बिलियन खर्च करेगा
ब्रिटेन अपने करीब 150 टैंकों को अपग्रेड करने के लिए एक बिलियन डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है। इन टैंकों में आधुनिक फायर कंट्रोल, बेहतर निगरानी सिस्टम और आज के ड्रोन युद्ध के हिसाब से बनाया गया मजबूत कवच लगाया जाएगा।
इन बदलावों और एक मल्टी-लेयर डिफेंस रणनीति के साथ, ब्रिटिश सेना को उम्मीद है कि उसके बख्तरबंद बल हमेशा मजबूत बने रहेंगे और भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।
बता दें कि ब्रिटेन का चैलेंजर 3 मुख्य युद्धक टैंक अपने पूर्ववर्ती टैंक का एक महत्वपूर्ण उन्नत संस्करण है, जो ब्रिटिश सेना और यूक्रेनी सेना दोनों की सेवा में है।