फ्रांस में प्रदर्शन के दौरान 14 साल के किशोर के चेहरे पर दागा आंसू गैस का गोला, पुलिस अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू
फ्रांस में बिगड़ती स्कूली व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्रों और युवाओं पर पुलिस की बर्बरता का नया मामला सामने आया है।
यहां के सेंट-ओएन-ल'ऑमोन शहर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 14 साल का ईडन गंभीर रूप से घायल हो गया। वह उस वक्त अपना फोन देख रहा था, तभी एक पुलिस अधिकारी ने उसे लाठी से मारा।
जब ईडन ने पुलिस को हमले का जवाब दिया, तो एक दूसरे अधिकारी ने कौगर लॉन्चर से आंसू गैस का एक गोला दाग दिया, जो सीधे ईडन के चेहरे पर लगा।
इस हमले से ईडन को स्थायी विकलांगता हो सकती है या चेहरा विकृत हो सकता है। मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ सरकारी पद पर रहते हुए ऐसा हमला करने की जांच चल रही है।
फ्रांसीसी स्कूल प्रदर्शनों में 24 जांचें शुरू
ईडन का मामला उन 24 जांचों में से एक है, जो स्कूली हालात को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के संबंध में चल रही हं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे समूह 'कम घातक' कहे जाने वाले हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं और कहते हैं कि ये असल में गंभीर नुकसान पहुंचाते हं।
फ्रांस के प्रधानमंत्री ने इन प्रदर्शनों को हिंसक बताया है, वहीं पुलिस यूनियनों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे हथियारों की जरूरत पड़ती है। पुलिस की इस कार्रवाई से जनता में गुस्सा पैदा हो गया है और इसने विरोध आंदोलन को और हवा दे दी है।