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CJP का दिल्ली पुलिस पर गुरुद्वारा बंगला साहिब में हथियार और जूते लेकर घुसने का आरोप
CJP ने सह संयोजक सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर गुरुद्वारा बंगला साहिब का अपमान करने का आरोप लगाया है

CJP का दिल्ली पुलिस पर गुरुद्वारा बंगला साहिब में हथियार और जूते लेकर घुसने का आरोप

Oct 11, 2026
04:15 pm

क्या है खबर?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने आरोप लगाया है कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस जबरन जूते पहनकर और हाथों में हथियार लेकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब के भीतर दाखिल हुई थी। CJP ने इसे एक पवित्र धार्मिक स्थल का अपमान बताते हुए सिख समुदाय से सरकार के खिलाफ इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

आरोप

CJP ने क्या लगाया आरोप?

HT की रिपोर्ट के अनुसार, CJP के सह-संयोजक सौरभ ने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली पुलिस कल (10 अक्टूबर) के आंदोलन के दौरान जूते पहनकर और हाथों में हथियार लेकर गुरुद्वारा बंगला साहिब के भीतर जबरन घुस गई और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने गुरुद्वारा प्रबंधन पर प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दबाव डाला। इस सरकार का अंत बहुत करीब है। मैं सिख भाइयों से अनुरोध करता हूं कि वे हमारी मदद करें और इनके खिलाफ लड़ें।'

खारिज

दिल्ली पुलिस ने आरोपों पर क्या कहा?

दिल्ली ने आरोपों को लेकर एक्स पर कहा, 'कुछ पुलिसकर्मी केवल उस सामान्य मार्ग पर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसका उपयोग सभी श्रद्धालु करते हैं जहां गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारे जाते हैं। यह प्रक्रिया सभी के लिए समान है। वीडियो एक धार्मिक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से जानबूझकर प्रसारित किया गया है। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।'

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सवाल

क्यों गुरुद्वारे में शरण लेने पहुंचे थे सैकड़ों प्रदर्शनकारी?

जंतर-मंतर पर भारी पाबंदियों और धारा 163 लागू होने के कारण चुनाव आयोग कार्यालय के नजदीक स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब प्रदर्शनकारियों के लिए एक सुरक्षा कवच बन गया था।

मध्य प्रदेश के खंडवा से आए एक तीर्थयात्री कमलजीत सिंह और गुरुद्वारा स्टाफ ने पुष्टि की कि शुक्रवार रात से ही 1,000 से 2,000 प्रदर्शनकारी हिरासत से बचने को गुरुद्वारे के भीतर रुके हुए थे।

पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के लिए बाहर निकालने का दबाव बनाया था।

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सत्यता

PIB की सत्यता जांच में क्या सामने आया?

विवाद बढ़ने के बाद रविवार दोपहर को पत्र सूचना कार्यालय (PIB) फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा एक वीडियो, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच गुरुद्वारे के भीतर बड़ी मारपीट हुई है, वह पूरी तरह से पुराना और संदर्भ से बाहर है।

सरकार ने नागरिकों से किसी भी ऐसे वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की अपील की है।

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