नेपाल में बाढ़ में 21 तीर्थयात्रियों ने साड़ी के सहारे बचाई अपनी जान
26 अगस्त को अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को नेपाल के रासुवागढ़ी क्षेत्र में अचानक आई एक भयानक बाढ़ का सामना करना पड़ा। एक बचे हुए तीर्थयात्री ने इस मंजर को 'पहाड़ों से गिरती सुनामी' जैसा बताया। बाढ़ इतनी भयावह थी कि उन्हें नेपाल-चीन सीमा के पास अपनी बस छोड़नी पड़ी। अपनी जान बचाने के लिए वे किसी तरह खड़ी ढलानों पर चढ़ने लगे। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर और एक साड़ी की मदद से खींचकर उन्होंने मुश्किल से अपनी जान बचाई।
नेपाल बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत
लगभग ढाई घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद नेपाली सेना ने इस पूरे दल को बचा लिया। शुक्रवार की रात इन तीर्थयात्रियों को चेन्नई में अपने परिवार से मिला दिया गया। इस बीच चीनी सीमा के उस तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वहीं, 320 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है और लगभग 100 भारतीय मूल के लोगों तक भी अभी तक पहुंचा नहीं जा सका है। इस आपदा का भयानक असर हुआ है, जिसमें 626 लोगों की जान चली गई और 2,426 लोग अब भी लापता हैं। भारत ने नेपाल की मदद के लिए खाने-पीने का सामान और मेडिकल सहायता भेजी है।