Loading...
'बंटवारा 1947' की असफलता पर शबाना आजमी बोलीं- अमिताभ को अपनाया तो सनी को क्यों नहीं?
'बंटवारा 1947' के फ्लॉप होने पर क्या बोलीं शबाना आजमी?

'बंटवारा 1947' की असफलता पर शबाना आजमी बोलीं- अमिताभ को अपनाया तो सनी को क्यों नहीं?

Aug 29, 2026
10:49 am

क्या है खबर?

सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ये बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आई ये फिल्म अब तक महज 53 करोड़ रुपये ही कमा सकी है। इसके उलट, साथ में रिलीज हुई इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' ने 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म के इस निराशाजनक प्रदर्शन पर इसमें अहम भूमिका निभाने वाली दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

दो टूक

"लोग तारीफ कर रहे पर सिनेमाघर नहीं जा रहे"

जूम से शबाना ने फिल्म के प्रदर्शन पर हैरानी जताते हुए कहा, "मैं 'बंटवारा 1947' के फ्लॉप होने से बेहद हैरान हूं, क्योंकि लोग मुझसे मिलकर कह रहे हैं कि उन्हें फिल्म और इसका संदेश बहुत पसंद आया। कई लोगों का मानना है कि आज के दौर में इंसानियत की बात करना बेहद जरूरी है। हालांकि, सच्चाई ये भी है कि दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे और जिन्होंने फिल्म देखी, वे काफी असमंजस भरी प्रतिक्रियाओं के साथ बाहर निकले।"

सवाल

शबाना ने अमिताभ का जिक्र कर पूछा सवाल

शबाना ने आगे कहा कि दर्शक सनी देओल को मुस्लिम किरदार में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जब अमिताभ ने 'कुली' और 'दीवार' जैसी फिल्मों में आसानी से मुस्लिम किरदार निभाए तो सनी के साथ ऐसा क्यों नहीं?

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज ऐसा माहौल बन गया है, जहां हिंदी सिनेमा में भारत-पाकिस्तान जैसे संवेदी विषयों को छूना भी बेहद मुश्किल और निराशाजनक होता जा रहा है।

ADVERTISEMENT

तर्क

"राजनीतिक रूप से फिल्म में कोई कमी नहीं, फिर भी फ्लॉप होना निराशाजनक"

शबाना ने फिल्म 'बंटवारा 1947' के पक्ष में तर्क देते हुए आगे कहा, "ये एक ऐसी फिल्म है, जो राजनीतिक रूप से किसी भी तरह से गलत नहीं है। आप इसमें कोई खामी नहीं निकाल सकते। सनी ने इसमें बेहतरीन काम किया है, खासकर मेरे साथ उनके भावनात्मक दृश्य इतने जीवंत हैं कि मुझे सच में महसूस हुआ कि वो इस बूढ़ी औरत की परवाह करते हैं। ऐसे में फिल्म का फ्लॉप होना बेहद निराशाजनक और विरोधाभासी है।"

ADVERTISEMENT

कहानी

इस मशहूर नाटक पर आधारित है फिल्म

राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'बंटवारा 1947' देश के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

ये फिल्म प्रसिद्ध उर्दू नाटक 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' से प्रेरित है। आमिर खान ने इस फिल्म का निर्माण किया था। फिल्म में सनी देओल और शबाना आजमी के अलावा प्रीति जिंटा, करण देओल और कनिका कपूर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं।

ये संवेदनशील कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के मानवीय दर्द को दर्शाती है।

ADVERTISEMENT