RSS, चीन और प्रधानमंत्री मोदी के काम; क्यों विवादों में है सोनिया गांधी की किताब?
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब 'बिलांगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के भारत में प्रकाशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब प्रकाशित करने से मना कर दिया है। अब इसके पीछे की वजह सामने आ रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किताब में कम से कम 3 प्रमुख मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें हटाने को लेकर विवाद हो रहा है।
मुद्दे
किन 3 मुद्दों पर है विवाद?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया पर सोनिया की किताब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और मोदी के शासनकाल में चीन द्वारा भारतीय इलाके पर कब्जे से जुड़े हिस्सों को हटाने के लिए दबाव डाला गया था।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "प्रकाशक जिन मुख्य बातों को एडिट या हटाना चाहता था, वे चीन, मोदी और RSS से जुड़ी हैं।"
बयान
गहलोत बोले- किताब में तथ्य, कोई कहानी नहीं
गहलोत ने कहा, "यह सब सरकार के दखल की वजह से हो रहा है। वे किसी व्यक्ति की अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करना चाहते हैं। वह इतनी बड़ी नेता हैं, वह तथ्य लिख रही हैं; कोई कहानी नहीं। यह उनकी जिंदगी और अनुभवों के बारे में है। आप तथ्यों से इनकार कैसे कर सकते हैं और उन पर सेंसर कैसे लगा सकते हैं?"
हालांकि, गहलोत ने कहा कि उन्होंने किताब की पांडुलिपि को देखा या पढ़ा नहीं है।
विवाद
कथित विवादित मुद्दों पर किताब में क्या लिखा है?
सूत्रों के अनुसार, किताब में भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ और सीमा पर मौजूदा स्थिति का वर्णन किया गया है। ये ऐसा मुद्दा है, जिसे कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के अंदर और बाहर बार-बार उठाया है।
वहीं, सोनिया ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यशैली के साथ-साथ केंद्र सरकार की कई प्रमुख नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं।
RSS के राष्ट्रीय मामलों और सामाजिक ढांचे पर प्रभाव को लेकर विचार भी शामिल हैं।
प्रकाशक
प्रकाशक ने किताब छापने से क्यों किया इनकार?
पेंगुइन रैंडम हाउस की भारतीय शाखा ने स्पष्ट किया कि वह कभी भी इस किताब की प्रकाशक नहीं थी।
कंपनी ने कहा, "एक प्रकाशक के रूप में, तथ्यों की जांच करना और लेखकों को उनकी पुस्तकों के हित में सर्वोत्तम सुझाव देना हमारा विशेषाधिकार और दायित्व दोनों है। यह प्रकाशन प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है। संबंधित चर्चाओं के दौरान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख यही था कि हम पुस्तक प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक हैं।"
स्थिति
किताब को लेकर फिलहाल क्या है स्थिति?
वैश्विक कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस की एक शाखा, अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए नॉफ ने घोषणा की है कि यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। हालांकि, भारत में इसे कौन प्रकाशित करेगा, इसे लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है।
अमेजन पर किताब का ई-बुक वर्जन 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर किया जा सकता है। अमेजन के मुताबिक, ई-बुक को हार्पर कॉलिंस यूके के एक हिस्से विलियम कॉलिंस ने प्रकाशित किया है।