अमेरिका-ईरान की बातचीत बेनतीजा, जेडी वेंस बोले- हम बिना समझौते के लौट रहे
क्या है खबर?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 20 घंटे से भी ज्यादा चली अमेरिका और ईरान की बातचीत बेनतीजा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे बिना किसी समझौते के अमेरिका लौट रहे हैं। वेंस ने कहा कि दोनों पक्ष किसी संतोषजनक समझौते पर नहीं पहुंच सके। उन्होंने बताया कि अमेरिका की शर्तें स्पष्ट थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। बताया जा रहा है कि परमाणु हथियार के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई।
बयान
वेंस बोले- ये ईरान के लिए बुरी खबर
वेंस ने कहा, "बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। मुझे लगता है कि यह खबर अमेरिका के लिए जितनी बुरी है , उससे कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी है। हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं, कि हम किन बातों पर समझौता करने को तैयार हैं और किन पर नहीं, लेकिन उन्होंने हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया। हमने सद्भावना से बातचीत की और ईरानियों को अपनी ओर से सर्वोत्तम पेशकश की।"
परमाणु हथियार
परमाणु हथियारों को लेकर नहीं बनी सहमति
वेंस ने बताया, "हमें ईरान से यह ठोस प्रतिबद्धता देखनी होगी कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और न ही ऐसे उपकरण हासिल करेंगे जिनसे वे जल्दी से परमाणु हथियार बना सकें। यही अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य मकसद है। इन वार्ताओं के माध्यम से हमने यही हासिल करने की कोशिश की है। क्या हमें ईरानियों की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की कोई ठोस प्रतिबद्धता दिखती है? अभी तक हमें यह नहीं दिखा है, उम्मीद है यह दिखेगा।"
ईरान
वार्ता को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने भी कहा है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, अमेरिका की शर्तें जरूरत से ज्यादा सख्त थीं, जिसके चलते समझौता नहीं हो पाया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत बहुत गहन रही और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूसरा पक्ष कितनी ईमानदारी और संतुलन दिखाता है।
मुद्दे
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी फंसा पेंच
वार्ता खत्म होने से पहले ईरान की तस्नीम एजेंसी ने बताया था कि दोनों पक्ष समझौते की कोशिश कर रहे हैं और लगातार संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन अभी तक पूरी सहमति नहीं बन पाई है। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। ईरान इस पर कंट्रोल करना चाहता है, जबकि अमेरिका ने इसे जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए खुला रखने की बात कही है।