क्या खतरे में है दुनिया की चिप सप्लाई चेन?
ताइवान ने साफ कर दिया है कि उसकी रक्षा और दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर उत्पादक इंडस्ट्री, दोनों के लिए अमेरिकी सेना का समर्थन बहुत जरूरी है। हाल ही में हुए डोनाल्ड ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में ताइवान की स्थिति पर कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद उप विदेश मंत्री फ्रांसवा वू ने इस बात पर जोर दिया कि हथियारों के इन समझौतों को जारी रखना केवल ताइवान के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक टेक सप्लाई चेन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
ताइवान चिप्स: 1.05 लाख करोड़ रुपये मंजूर
आज ताइवान उन्नत सेमीकंडक्टर्स का सबसे बड़ा उत्पादक है। वू ने बताया कि इस इंडस्ट्री की सुरक्षा केवल स्थानीय सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के हितों के लिए भी फायदेमंद है। फिलहाल 11 अरब डॉलर (1.05 लाख करोड़ रुपये) अमेरिकी हथियारों का पैकेज मंजूर हो चुका है, लेकिन 14 अरब डॉलर (लगभग 1.34 लाख करोड़ रुपये) का एक और समझौता अभी भी पेंडिंग है। इन सौदों पर चल रही खींचतान साफ करती है कि यहां लिए गए कदम दुनिया भर में टेक सप्लाई पर असर डाल सकते हैं और क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।