मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के पास कुकी विद्रोहियों ने गोलीबारी की, 4 नागाओं की मौत
क्या है खबर?
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सीमा पार म्यांमार से गुरुवार को कामजोंग जिले कै तंगखुल नागा गांव पिलोंग में गोलीबारी की गई है, जिसमें 4 नागा नागरिकों की मौत हो गई। पिलोंग भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित गांव है। हमले का आरोप म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNAS-B) के कुकी विद्रोहियों पर है। तांगखुल नागा लोंग की कार्यकारी समिति (WC-TNL) ने हमले की निंदा की सीमा पार आतंकवाद और हत्याओं के लिए राज्य सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया।
गोलीबारी
गांव में घुस आए थे उग्रवादी
इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस के हवाले से बताया कि गुरुवार शाम को अत्याधुनिक हथियारों से लैस KNA-B आतंकवादी पिलोंग नागा गांव में घुस गए और ग्रामीणों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पिलोंग नागा गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। गोलीबारी में फामी जाजो (43), निंगथेम कासक (35), बेटरसन जाजो (50) और वारेशिम जाजो (67) की मौत हुई है।
वारेशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
आक्रोश
घटना को लेकर आक्रोश, बंद का आह्वान
घटना को लेकर नागा संगठनों में काफी आक्रोश है। TNL का आरोप है कि KNA-B के सदस्यों ने और म्यांमार स्थित सशस्त्र समूह पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) द्वारा समर्थित कुकी तत्वों ने यह हमला किया है।
आरोप है कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस कुकी आतंकवादी समूह ने म्यांमार के फैलेन कुकी गांव से नाम्या नदी पार कर गांव में प्रवेश किया था।
घटना को लेकर TNL ने अपने अधिकार क्षेत्र में 24 घंटे के आपातकालीन बंद का आह्वान किया।
विरोध
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध
नागा के युवा संगठन खानुइत्थोट-खोन (तांगखुल नागा युवाओं की आवाज) ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के 28 सितंबर को उखरुल दौरे के प्रस्ताव का विरोध किया है।
संगठन ने कहा कि सिंह एक जनसंपर्क कार्यक्रम में भाग लेने उखरुल जाने वाले हैं, जबकि नागा बहुल क्षेत्रों में हत्याओं के बाद सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दौरे पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से नागा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय की मांग की है।