अमेरिका के टेनेसी में फेल हुआ 'मौत का इंजेक्शन', फांसी के दौरान खर्राटे लेती रही अपराधी
अमेरिका के टेनेसी राज्य में हत्या के मामले में सजा काट रहीं 50 साल की क्रिस्टा पाईक को 1 अक्टूबर को मौत का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन फेल होने से वह जिंदा बच गईं।
राज्य ने जानलेवा इंजेक्शन से उन्हें फांसी देने की कोशिश की, लेकिन दवाएं दिए जाने के बाद भी वह जागती रहीं। पहले उनकी फांसी को उनके शोषण के इतिहास के कारण रोक दिया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया और फिर फांसी की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
पाई को 1995 में कोलीन स्लेमर की 1995 में हत्या के सिलसिले में मौत की सजा सुनाई गई थी।
गवाहों का दावा: फांसी के दौरान क्रिस्टा पाईक खर्राटे ले रही थीं
गवाहों ने बताया कि फांसी देने की एक घंटे तक चली कोशिश के दौरान पाईक खर्राटे ले रही थीं और साफ तौर पर जिंदा थीं। इस बीच जेल अधिकारियों ने चैंबर के पर्दे थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए।
इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पाईक का यह मामला कोई अकेला नहीं है। पिछले कुछ सालों में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में ऐसी कई नाकाम फांसियां देखने को मिली हैं।
इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका में मौत की सजा को आखिर कैसे अंजाम दिया जाता है।
इस साल मई में 1994 में 3 लोगों के अपहरण और हत्या के दोषी टोनी कैरुथर्स को मौत का इंजेक्शन दिया जाना था, लेकिन असफल प्रयास के कारण उनकी सजा रद्द कर दी गई थी।