दक्षिण कोरिया के 2 बड़े चर्चों पर AI के इस्तेमाल से साइबर हमला, संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा
दक्षिण कोरिया के 2 बड़े चर्च, योइडो फुल गॉस्पेल चर्च और सारंग पर साइबर हमला हुआ है। हमलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों से चर्च के सदस्यों की संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा है। एक साइबर सिक्योरिटी फर्म को एक विदेशी सर्वर पर ऐसे सुराग मिले हैं, जो इन हमलों को इन्हीं चर्चों से जोड़ रहे हैं।
सियोल में विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक सभा के रूप में, इस योइडो चर्च में कथित तौर पर 10 लाख सदस्य हैं।
योइडो ने 8.5 लाख सदस्यों की जानकारी लीक होने की आशंका जताई
ओएसिस सिक्योरिटी को इस हमले में "सब-एजेंट्स" जैसे AI टूल्स के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। योइडो फुल गॉस्पेल चर्च के मुताबिक, उनके 8.5 लाख सदस्यों से जुड़ा डेटा खतरे में पड़ गया हो सकता है।
इस डेटा में सदस्यों के नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारियां शामिल हैं। यिओइडो फुल गॉस्पेल चर्च ने प्रभावित सदस्यों को जानकारी देना शुरू कर दिया है।
इसके साथ ही, उसने बाहरी एक्सेस को बंद कर दिया है और सर्वर के पासवर्ड भी बदल दिए हैं। दूसरी ओर, सारंग चर्च ने इस संदिग्ध घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी है और एक इमरजेंसी टास्क फोर्स का गठन भी किया है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने भी कहा कि इन साइबर हमलों में AI का इस्तेमाल किए जाने की बात मानी जा रही है।