प्रतिबंध के बीच दक्षिण कोरिया से रूस को भेजा गया 1.76 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल, जांच शुरू
दक्षिण कोरिया से इस गर्मी में रूस को 1.76 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल ईंधन भेजा गया है, जिसने अमेरिका और यूरोपीय देशों में हड़कंप मचा दिया है।
यह जानकारी हाल में द गार्डियन की रिपोर्ट में सामने आई है। दक्षिण कोरिया सरकार ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि उसके बंदरगाहों से रूस को डीजल ईंधन क्यों भेजा गया है।
सरकार ने बताया है कि अगर किसी भी नियम का उल्लंघन पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
निर्यात नियंत्रणों से बाहर ईंधन शिपमेंट
बताया जा रहा है कि ये ईंधन शिपमेंट दक्षिण कोरिया के मौजूदा निर्यात नियंत्रणों में शामिल नहीं हैं। ये नियंत्रण मुख्य रूप से औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों पर लागू होते हैं।
अब अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह ईंधन वाकई दक्षिण कोरिया में बना था या नहीं, क्योंकि रिकार्ड से साफ पता नहीं चल रहा कि इस ईंधन का मालिक कौन था या इसे किसने बेचा था।
यूक्रेन ने भी इन शिपमेंट पर चिंता जाहिर की है। इस वजह से दक्षिण कोरिया उनके साथ आधिकारिक माध्यमों से बातचीत कर रहा है ताकि स्थिति साफ हो सके और अंतरराष्ट्रीय भरोसा कायम रहे।