शाकिब अल हसन के घर पर हमला, शेख हसीना के भाषण के बाद क्या-क्या हुआ?
क्या है खबर?
बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के मगुरा में बने पैृतक घर पर हमला हुआ है। उनके घर पर अज्ञात उपद्रवियों ने पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला किया। इस दौरान घर को भारी नुकसान पहुंचाया गया और जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना से कुछ घंटे पहले ही शाकिब दिल्ली में आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ ऑनलाइन जुड़े थे।
हमला
उपद्रवियों ने घर को आग लगाने की कोशिश की
ये घटना मगुरा-1 में स्थित शाकिब के पुश्तैनी घर पर करीब रात 8:45 बजे हुई। उपद्रवियों ने उनके घर पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और तोड़फोड़ की। हमलावरों ने घर को आग के हवाले करने की भी कोशिश की। घर में कोई नहीं था, इसलिए हमले में कोई घायल नहीं हुआ।
पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान तुरंत पता नहीं चल सकी है। घर के आसपास सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें हमले का वीडियो
Petrol bomb thrown at former Bangladesh cricket team captain and Magura-1 MP Shakib Al Hasan’s ancestral house in Keshabmor, Magura, Bangladesh.
— OSINT Spectator (@osintspectator) August 5, 2026
pic.twitter.com/NhygMbPa1u
प्रेस कॉन्फ्रेंस
शेख हसीना के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे साकिब
हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं। बीते दिन 2 साल बाद उन्होंने पहली बार लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। इसी कार्यक्रम में शाकिब भी श्रीलंका से ऑनलाइन जुड़े थे। इसी वजह से उनके घर को निशाना बनाया गया।
दरअसल, शाकिब भी हसीना की पार्टी से जुड़े हुए हैं और अवामी लीग के टिकट पर करीब 7 महीने तक सांसद भी रहे हैं। यही वजह है कि शाकिब के घर पर हमला हुआ।
वापसी
हसीना बोलीं- मैं बांग्लादेश लौटूंगी
ऑनलाइन भाषण में हसीना ने कहा कि अपने ऊपर चल रहे मुकदमों के बावजूद बांग्लादेश लौटेंगी।
उन्होंने कहा, "डर लोगों के प्रति मेरे फर्ज को तय नहीं कर सकता। मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि सुरक्षा, विकास, समृद्धि और शांति बहाल करने और बांग्लादेश को सही रास्ते पर वापस लाने के लिए है। असली ताकत लोगों के हाथ में होती है। मैं अपने लोगों के पास लौटूंगी। मुझे उन पर भरोसा है।"
विरोध
बांग्लादेश ने जताया विरोध
हसीना के कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश ने राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। बांग्लादेश ने इस कदम को संप्रभुता 2024 के विद्रोह के दौरान मारे गए लोगों का अपमान बताया है।
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा, "बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि नरसंहार की दोषी और फरार हसीना को मीडिया से लाइव बातचीत करने की इजाजत दी गई, जहां उन्होंने और उनके साथियों ने बांग्लादेश और वहां के लोगों के खिलाफ जहरीली बातें कहीं।"