टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाले कप्तान
क्या है खबर?
टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक मानी जाती है। रणनीति, धैर्य और नेतृत्व क्षमता के दम पर ही कोई कप्तान अपनी टीम को लगातार जीत की राह पर ले जाता है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम को भी कई ऐसे सफल कप्तान मिले, जिन्होंने अपनी अगुआई में टीम को ऐतिहासिक टेस्ट जीत दिलाईं। ऐसे में आइए टेस्ट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाले कप्तानों पर नजर डालते हैं।
#1
मिस्बाह उल हक (26 जीत)
इस सूची में पहले स्थान पर मिस्बाह उल हक हैं। उन्होंने साल 2010 में पहली बार पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। आखिरी बार वह साल 2017 में टेस्ट कप्तान के रूप में नजर आए थे।
मिस्बाह ने 56 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की, जिनमें टीम ने 26 मुकाबले जीते। इस दौरान पाकिस्तान को 19 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 11 टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हए।
उनका जीत प्रतिशत 46.42 का रहा था।
#2
इमरान खान और जावेद मियांदाद (14-14 जीत)
पाकिस्तान के 2 पूर्व दिग्गज इमरान खान और जावेद मियांदाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं।
दोनों की कप्तानी में पाकिस्तान ने 14-14 टेस्ट मैच जीते। इमरान ने 1982 से 1992 के बीच 48 टेस्ट में टीम की अगुआई की, जिनमें 14 जीत, 8 हार और 26 ड्रॉ रहे।
वहीं, जावेद ने 1980 से 1993 के बीच 34 टेस्ट में कप्तानी की। उनकी अगुआई में पाकिस्तान को 14 जीत मिलीं, 6 मैच हारे और 14 टेस्ट ड्रॉ रहे।
#3
वसीम अकरम (12 जीत)
तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम हैं। उन्होंने साल 1993 में पहली बार टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी की थी।
आखिरी बार वह 1999 में बतौर टेस्ट कप्तान नजर आए थे।
वह 25 मुकाबलों में टीम के कप्तान रहे और इस दौरान 12 मैच में पाकिस्तान को जीत मिली। 8 मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं, 5 मुकाबले ड्रॉ पर रहे थे। वसीम की कप्तानी में जीत प्रतिशत 48 का रहा था।
#4
बाबर आजम और इंजमाम-उल-हक (11-11 जीत)
बाबर आजम इस सूची में इंजमाम-उल-हक के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आ गए हैं।
बाबर ने 22 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की है, जिनमें टीम ने 11 मुकाबले जीते हैं। इस दौरान उसे 7 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 4 टेस्ट ड्रॉ रहे।
वहीं, इंजमाम ने साल 2001 से 2007 के बीच 31 टेस्ट में कप्तानी की। उनकी अगुआई में पाकिस्तान ने 11 मुकाबले जीते, 11 हारे और 9 टेस्ट ड्रॉ खेले।