पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने किया रक्षा समझौता, एक पर हमला माना जाएगा सभी पर आक्रमण
क्या है खबर?
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच संयुक्त रक्षा समझौता हुआ है। सऊदी अरब के मक्का में इस समझौते पर तीनों देशों ने हस्ताक्षर किए हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ये समझौता मुस्लिम दुनिया की 3 सबसे प्रभावशाली देशों के बीच सैन्य सहयोग को और गहरा करेगा। समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
रिपोर्ट
अर्दोगान और शहबाज शरीफ सऊदी अरब पहुंचे
सऊदी सरकार और सेना के करीबी एक सूत्र ने समाचार एजेंसी AFP से कहा, "इस समझौते पर लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन क्षेत्र में हाल की घटनाओं ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया।"
तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप अर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिले।
इसके बाद तीनों नेताओं ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
समझौता
समझौते में क्या-क्या शामिल है?
न्यूज18 के अनुसार, ये समझौता पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले साल हुए रक्षा समझौते का ही विस्तार है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के तहत सऊदी अरब वित्तीय शक्ति, रणनीतिक गहराई और क्षेत्रीय प्रभाव का योगदान देगा; तुर्की उन्नत सैन्य तकनीक पर सहयोग प्रदान करेगा; और पाकिस्तान परमाणु क्षमता और युद्ध में परखी हुई सेना के अनुभव का योगदान देगा।
गठबंधन में संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीक हस्तांतरण, रक्षा-औद्योगिक उत्पादन और खुफिया जानकारी साझा करना शामिल होगा।
बयान
समझौते को लेकर देशों ने क्या कहा?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद इस दौरे का महत्व तात्कालिक संकट और अल्पकालिक विचारों से कहीं अधिक है। शहबाज के साथ पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर भी सऊदी अरब में हैं।
तुर्की टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता तीनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रहे संबंधों का स्वाभाविक परिणाम है, जिन पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है।
जानकारी
भारत बोला- बारीकी से नजर रख रहे
भारत ने रक्षा समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इन तीनों देशों के बीच हुए समझौते पर हम बारीकी से नजर रख रहे हैं और इस बारे में जानकारी देते रहेंगे।'
नजदीकी
क्यों करीब आए तीनों देश?
पाकिस्तान एकमात्र ऐसा मुस्लिम देश है, जिसके पास परमाणु हथियार हैं।
तुर्की NATO का सदस्य है। हाल ही में उसने गाजा में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में सक्रिय राजनयिक भूमिका निभाई है। वो सऊदी अरब के नेतृत्व वाले समुद्री रक्षा गठबंधन के 14 संस्थापक सदस्यों में से एक है।
वहीं, अमेरिका का सहयोगी देश सऊदी अरब दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातकों में से एक है और खाड़ी में सबसे मजबूत देश है।