सऊदी अरब ने यमन में की बमबारी, 20 की मौत; सरकार-अलगाववादी गुट में युद्ध जैसे हालात
क्या है खबर?
सऊदी अरब ने फिर यमन पर हवाई हमला किया है, जिसमें अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं। यह हमला दक्षिणी प्रांत के हद्रामौत में हुआ। समाचार एजेंसी AFP ने STC की सेनाओं के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि अल-खाशा और सेयुन में सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में उसके लड़ाके मारे गए।
युद्ध
यमन सरकार ने STC के कब्जे से सैन्य अड्डे छुड़ाए
इस बीच यमन सरकार ने STC से अहम सैन्य अड्डे वापस अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। हद्रामौत के गवर्नर सालेम अल-खानबाशी ने कहा कि सुरक्षाबल सिर्फ STC के कब्जे से सैन्य ठिकानों को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि STC यमन का एक अलगाववादी संगठन है, जो कि यमन के दक्षिणी हिस्से को आजाद कराने के लिए जंग लड़ रहा है। इस संगठन को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का समर्थन है।
हवाई अड्डा
सेयुन में हवाई अड्डा का संचालन बंद
STC के एक सूत्र और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हद्रामौत के सेयुन शहर में हवाई अड्डे और सैन्य अड्डे पर सऊदी अरब ने हमले किए हैं। इस वजह से अदन हवाई अड्डे का संचालन भी प्रभावित हुआ है। पिछले करीब 30 घंटों से वहां से एक भी विमान का संचालन नहीं हुआ है। STC के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि वह सऊदी समर्थित यमनी सेनाओं के साथ एक निर्णायक और अस्तित्व की जंग लड़ रहा है।
वजह
सऊदी ने क्यों किया हमला?
यमन के अलग-अलग हिस्सों पर सऊदी समर्थित सरकार, UAE समर्थित STC और हूतियों का कब्जा है। STC सऊदी से सटे हदरामौत पर सक्रिय है। सऊदी अरब और UAE सालों से यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन अलग-अलग गुटों का समर्थन करते हैं। सऊदी को लगता है कि UAE यमन में अलग सत्ता कायम करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए सऊदी ने UAE को चेतावनी दी थी कि वह यमन से अपने सैनिक हटाए।
पिछला हमला
सऊदी ने मुकल्ला पोर्ट पर भी की थी बमबारी
इससे पहले 30 दिसंबर को सऊदी ने यमन के मुकाला पोर्ट पर बमबारी की थी। उसने आरोप लगाया था कि UAE के फुजैरा पोर्ट से आए 2 जहाजों से यहां हथियार और सैन्य वाहन उतारे जा रहे थे। इन जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम बंद थे। सऊदी ने कहा कि ये हथियार STC को दिए जाने थे, जो शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन सकते थे। इसलिए वायुसेना ने हवाई हमला कर हथियारों और सैन्य वाहनों को नष्ट किया।