रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता, जेलेंस्की बोले- मॉस्को को युद्ध खत्म करना होगा
क्या है खबर?
यूक्रेन युद्ध को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। युद्ध शुरू होने के बाद ये पहला मौका है, जब तीनों देशों ने एक साथ चर्चा की है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस वार्ता को सफल बताया और कहा कि आज भी चर्चा जारी रहेगी। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को को उस संघर्ष को समाप्त करने की तत्परता दिखानी चाहिए, जिसे उसने शुरू किया था।
बयान
जेलेंस्की बोले- वार्ता की प्रगति पर कुछ कहना अभी जल्दबाजी
जेलेंस्की ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसे उसने खुद शुरू किया है। मैंने यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के लिए स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए हैं। हम देखेंगे कि बातचीत किस तरह आगे बढ़ती है और इसके क्या परिणाम निकलते हैं। मेरे प्रतिनिधि मुझे हर घंटे जानकारी दे रहे हैं, लेकिन वार्ता के सार का आकलन करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी।"
बैठक
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
अबू धाबी में यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमेरोव कर रहे हैं। उनके साथ किरिलो बुडानोव, वार्ताकार डेविड अराखामिया और जनरल स्टाफ के प्रमुख एंड्री ह्नातोव समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। रूसी टीम का नेतृत्व GRU के महानिदेशक इगोर कोस्त्युकोव कर रहे हैं। अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में मध्य-पूर्व के अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं।
मुद्दे
किन मुद्दों पर नहीं बन पा रही है सहमति?
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मांग है कि यूक्रेन डोनेट्स्क क्षेत्र के बाकी 20 प्रतिशत हिस्से को छोड़ दे। यूक्रेन इस पर सहमत नहीं है। ये मुद्दा सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यूक्रेन द्वारा डोनबास के पूरे क्षेत्र को सौंपना रूस की बहुत ही महत्वपूर्ण शर्त है। वहीं, जेलेंस्की ने इस क्षेत्र में एक विसैन्यीकृत, मुक्त आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए 40 किलोमीटर तक पारस्परिक सैन्य वापसी का विचार रखा है।
हमले
वार्ता के बीच हमले भी जारी
वार्ता के बीच दोनों देश एक-दूसरे पर हमले भी कर रहे हैं। हाल के दिनों में पेन्जा क्षेत्र में एक रूसी तेल डिपो और यूक्रेन के कई ठिकानों पर हमले शामिल हैं। भीषण सर्दी के बीच रूसी हमलों के चलते यूक्रेन के कुछ हिस्सों में नागरिकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान जेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात की और बातचीत को बहुत सकारात्मक बताया।