भारतीय नागरिक रोहन राणे को पेरिस में 20 साल जेल, नाबालिगों के ऑनलाइन शोषण का था सरगना
फ्रांस की राजधानी पेरिस की एक अदालत ने भारतीय नागरिक रोहन राणे को 20 साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें नाबालिगों का शोषण करने वाले एक ऑनलाइन ग्रुप का सरगना होने का दोषी पाया है। यह गिरोह 15 साल से कम उम्र की ज्यादातर अमेरिकी लड़कियों पर अश्लील और हिंसक कंटेंट बनाने का दबाव डालता था। सुनवाई में कई पीड़ितों ने आगे आकर अपनी आपबीती सुनाई, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
राणे जबरन वसूली और यातना का दोषी करार
राणे को 2021 में गिरफ़्तार किया गया था। दरअसल, अमेरिकी अधिकारियों ने 'डिस्कॉर्ड' प्लेटफॉर्म पर चलने वाले 'CVLT' नाम के एक नेटवर्क में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी थी। यह गिरोह कोविड-19 महामारी से पहले ही सक्रिय हो गया था। राणे को जबरन वसूली और यातना का दोषी पाया गया, जिसमें कई गंभीर पहलू भी थे। यह घटना बताती है कि ऑनलाइन की दुनिया में ऐसे छिपे हुए नेटवर्क मासूम बच्चों के लिए कितने जानलेवा हो सकते हैं।