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#NewsBytesExplainer: ग्रीनलैंड पर हमला करेंगे या खरीदेंगे डोनाल्ड ट्रंप, क्या-क्या हैं विकल्प?
वेनेजुएला के बाद अमेरिका की ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है

#NewsBytesExplainer: ग्रीनलैंड पर हमला करेंगे या खरीदेंगे डोनाल्ड ट्रंप, क्या-क्या हैं विकल्प?

लेखन आबिद खान
Jan 07, 2026
03:30 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड को निशाने पर ले लिया है। 4 जनवरी को उन्होंने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की सख्त जरूरत है। वहीं, अब व्हाइट हाउस ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इन बयानों के बाद चर्चाएं बढ़ गई हैं कि कहीं वेनेजुएला की तरह अमेरिका ग्रीनलैंड पर भी हमला न कर दें। आइए जानते हैं कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के पास क्या-क्या विकल्प हैं।

अहमियत

सबसे पहले जानिए ग्रीनलैंड पर क्यों है अमेरिका की नजरें?

ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति के चलते यहां से रूस और यूरोप पर नजर रखना आसान है। यहां से अमेरिकी सेना की पहुंच उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक महासागर में मजबूत हो जाएगी। ग्रीनलैंड में दुर्लभ खनिज, तेल और गैस के विशाल भंडार हैं। अगर ये अमेरिका के कब्जे में आए, तो चीन को टक्कर मिलेगी। यहां की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे वहां नए समुद्री रास्ते खुल रहे हैं। ये रास्ते व्यापार और सामरिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

पिछली कोशिशें

अमेरिका पहले भी ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश कर चुका

साल 1946 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने भी ग्रीनलैंड को खरीदना चाहा था। इसके लिए उन्होंने डेनमार्क को 10 करोड़ डॉलर देने की पेशकश की थी। यहां तक कि ट्रूमैन ग्रीनलैंड के बदले डेनमार्क को अलास्का का कुछ हिस्सा देने के लिए भी राजी हो गए थे, लेकिन यह सौदा पूरा नहीं हो सका। ट्रंप भी 2019 से ग्रीनलैंड को लेकर बयान देते रहे हैं। तब उन्होंने इसे 'बड़ा रियल एस्टेट सौदा' बताया था।

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शासन

फिलहाल ग्रीनलैंड पर किसका शासन है?

दरअसल, ग्रीनलैंड 1721 में डेनमार्क के नियंत्रण में आया था। तब से 1979 तक यहां डेनमार्क का शासन रहा। फिलहाल ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। ग्रीनलैंड अभी भी डेनमार्क से मिलने वाली सब्सिडी पर निर्भर है और रक्षा का जिम्मा डेनमार्क के पास ही है। डेनमार्क अभी भी ग्रीनलैंड की विदेश और सुरक्षा नीति से लेकर व्यापार को नियंत्रित करता है। हालांकि, बीते कुछ सालों से यहां स्वतंत्रता की मांग बढ़ी है।

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सेना

क्या ग्रीनलैंड पर हमला करेगा अमेरिका?

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और इसमें अमेरिकी सेना का उपयोग भी शामिल है। ट्रंप ने पहले भी इस क्षेत्र को हासिल करने के लिए सेना का इस्तेमाल करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। पिछले साल उन्होंने कहा था कि वह सैन्य बल के विकल्प को कभी भी खारिज नहीं करेंगे और यह संभव है कि इसके बिना भी काम हो सकता है।

खरीदी 

क्या ग्रीनलैंड को खरीदेंगे ट्रंप?

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक गोपनीय ब्रीफिंग में सांसदों को बताया कि ट्रंप प्रशासन केवल ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करना चाहता, बल्कि इसे खरीदना चाहता है। अमेरिका के लिए ये कोई नई बात नहीं है। इससे पहले 1867 में अमेरिका ने अलास्का को 72 लाख डॉलर में खरीदा था। हालांकि, ग्रीनलैंड के जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने इस विचार पर पहले कहा था कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और कभी नहीं होगा।

समझौता

क्या ग्रीनलैंड-अमेरिका में होगा कोई समझौता?

खबरें ये भी हैं कि ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने के लिए कोई समझौता कर सकते हैं। अमेरिका के लिए ये भी नई बात नहीं है। अमेरिका के पहले से माइक्रोनेशिया, मार्शल द्वीप समूह और पश्चिमी प्रशांत द्वीप समूह के पलाऊ के साथ मुक्त सहयोग समझौते हैं। जिसके तहत, इन छोटे देशों को अपनी औपचारिक स्वतंत्रता मिली हुई है, जबकि अमेरिका को उनके क्षेत्र में बिना किसी रोक-टोक के व्यापार करने की छूट है।

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