वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड पर हमला करेगा अमेरिका? व्हाइट हाउस ने दिए सैन्य कार्रवाई के संकेत
क्या है खबर?
वेनेजुएला के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें सैन्य बल का प्रयोग भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने BBC को बताया कि ग्रीनलैंड का अधिग्रहण 'राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता' का मामला है। इससे पहले भी ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कह चुके हैं।
बयान
व्हाइट हाउस ने कहा- सेना का उपयोग हमेशा से एक विकल्प
BBC से बात करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा, "राष्ट्रपति और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण विदेश नीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। निश्चित रूप से अमेरिकी सेना का उपयोग करना कमांडर-इन-चीफ के पास हमेशा एक विकल्प के रूप में उपलब्ध है।" व्हाइट हाउस का यह बयान यूरोपीय नेताओं द्वारा डेनमार्क के प्रति समर्थन व्यक्त करने के कुछ ही घंटों बाद आया है।
बयान
डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कहा था- ग्रीनलैंड पर हमला किया तो NATO खत्म
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की तो NATO खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका NATO सदस्य देश पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो NATO की पूरी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। कुछ नहीं बचेगा।" 4 जनवरी को ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा था, "अमेरिकी राष्ट्रपति का ग्रीनलैंड को वेनेजुएला से जोड़कर सैन्य हस्तक्षेप की बात करना न सिर्फ गलत है, बल्कि हमारे लोगों का अपमान है।"
खरीदी
क्या ग्रीनलैंड को खरीदना चाहता है अमेरिका?
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक गोपनीय ब्रीफिंग में सांसदों को बताया कि ट्रंप प्रशासन केवल ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करना चाहता, बल्कि इसे खरीदना चाहता है। एक गोपनीय वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका के विकल्पों में ग्रीनलैंड की सीधी खरीद या उस क्षेत्र के साथ मुक्त सहयोग का समझौता करना शामिल है। ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने मामले पर रूबियो के साथ एक बैठक का अनुरोध किया है।
विरोध
अमेरिका के खिलाफ जर्मनी, फ्रांस समेत कई देश
वहीं, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप की शीर्ष प्राथमिकताओं में है और ग्रीनलैंड के भविष्य पर फैसला सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का अधिकार है। बयान के मुताबिक, "आर्कटिक की सुरक्षा सभी देशों को मिलकर करनी होगी। यह काम NATO के दूसरे देशों खासतौर पर अमेरिका के साथ मिलकर किया जाएगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन किया जाएगा।"
शासन
फिलहाल ग्रीनलैंड पर किसका शासन है?
ग्रीनलैंड साल 1721 में डेनमार्क के नियंत्रण में आया था। तब से 1979 तक यहां डेनमार्क का शासन रहा। अब यह डेनमार्क के कब्जे वाला स्वशासित क्षेत्र है। 2009 से यहां स्वशासन लागू हो गया है। हालांकि, ग्रीनलैंड अभी भी डेनमार्क से मिलने वाली सब्सिडी पर निर्भर है और रक्षा का जिम्मा डेनमार्क के पास ही है। यहां की आबादी करीब 57,000 है। ज्यादातर लोग शिकार और मछली पकड़कर जीवनयापन करते हैं।