डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान को वहां मारेंगे, जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा; जानें ताजा घटनाक्रम
क्या है खबर?
ईरान में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और महंगाई के खिलाफ आंदोलन और तेज कर दिया है। अलग-अलग रिपोर्टों में अब तक 60 से ज्यादा मौतें होने की बात कही गई है। इस बीच पूरे देश में इंटरनेट बंद है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वे ईरान को ऐसी जगह चोट करेंगे, जहां दर्द सबसे ज्यादा होगा।
बयान
ट्रंप बोले- ईरान की सरकार बहुत बड़ी मुसीबत में
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि पिछले कुछ हफ्तों में लोगों ने शहरों पर कब्जा कर लिया है, जिसके बारे में किसी ने सोचा नहीं था कि ऐसा हो सकता है। मैंने कहा है कि अगर वे (ईरान सरकार) पहले की तरह लोगों को मारेंगे, तो हम कार्रवाई करेंगे। हम उन्हें वहां मारेंगे, जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा। इसका मततब से नहीं कि हम सेना उतारेंगे। इसका मतलब है उन्हें वहां मारना, जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है।"
मौतें
ईरानी डॉक्टर का दावा- तेहरान में 217 मौतें
तेहरान के एक डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर टाइम मैगजीन को बताया कि राजधानी तेहरान के 6 अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इनमें से ज्यादातर को गोलियां लगी हैं। दावा है कि सेना के 14 जवान भी मारे गए हैं और पुलिस ने अब तक 2,300 लोगों को हिरासत में लिया है। देश में करीब 400 जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
अपील
निर्वासित युवराज ने जनता से की ये अपील
ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने लोगों से राष्ट्रव्यापी विद्रोह का आह्वान किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शहरों पर नियंत्रण करने, आर्थिक क्षेत्रों में हड़ताल शुरू करने और सरकार गिराने के लिए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि ये ईरान के लोगों की तुरंत मदद करने का समय है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनों को देखकर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कांप रहे थे।
खामेनेई का बयान
खामेनेई बोले- दंगाइयों के आगे झुकेंगे नहीं
बीते दिन एक सार्वजनिक संदेश में खामेनेई ने कहा, "अमेरिका के हाथ 1,000 से ज्यादा ईरानियों के खून से रंगे हैं, जिनमें नेता और बेगुनाह लोग शामिल हैं। ईरान मजबूत है और अपने सिद्धांतों से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और न ही विदेशी सहयोगियों को बर्दाश्त करेगा। कुछ दंगाई अपने ही देश की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करना चाहते थे।" उन्होंने युवाओं से एकजुट रहने की अपील की।