इंडोनेशिया के आइलैंड पर जल संकट, लोगों ने डेटा सेंटर्स को बताया कारण
इंडोनेशिया के बाटाम आइलैंड पर लोग नोंगसा डिजिटल पार्क के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले 3 महीने से उनके घरों के नल सूखे पड़े हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ डेटा सेंटर्स को इलाके का सारा पानी मिल रहा है, वहीं उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरसना पड़ रहा है।
अधिकारी इस पानी की कमी के पीछे मौसम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासी उनकी यह बात मानने को तैयार नहीं हैं और इस समस्या पर तुरंत ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
लोग अब गंदे पानी के टैंकरों पर निर्भर
घरों में साफ पानी न मिलने से लोग अब टैंकरों से आ रहे पानी पर निर्भर हैं, जिसे एक निवासी ने "गंदा, धुंधला और बदबूदार" बताया। इससे उनके घर का खर्च भी बढ़ गया है।
बकाऊ सेरीप गांव की रहने वाली डेवी सुसांती ने बताया, "पिछले तीन महीने से हमारे नलों से एक बूंद भी पानी नहीं आया है। डेटा सेंटर्स के आने से पहले हमारी पानी की आपूर्ति सही चल रही थी।"
डेटा सेंटर्स की तेजी से बढ़ती संख्या से हालात और भी बिगड़ रहे हैं। ऐसे में अधिकारी कंपनियों से गुज़ारिश कर रहे हैं कि स्थिति और गंभीर होने से पहले वे डीसालेशन प्लांट (समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र) लगाएं।