पाकिस्तान सोशल मीडिया से पैसे कमानों वालों से लेगा टैक्स, हर 1,000 व्यूज पर देना होगा 195 रुपये
पाकिस्तान ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए एक नया तरीका खोजा है। उसने सोशल मीडिया से जुड़े डिजिटल क्रिएटर्स पर टैक्स लगाने की योजना बनाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने डिजिटल क्रिएटर्स के लिए एक नया पैमाना तय किया है। अब कोई यूट्यूब से पैसा कमाता है, तो पाकिस्तान ने यूट्यूब के मॉनेटाइज्ड कंटेंट से मिलने वाले हर 1,000 मॉनेटाइज्ड व्यूज पर 195 रुपये का बेंचमार्क टैक्स तय कर दिया है।
सरकार का यह कदम ऑनलाइन कमाई को टैक्स सिस्टम में शामिल करने की कोशिश का हिस्सा है, क्योंकि देश राजस्व बढ़ाने के नए तरीके ढूंढ रहा है।
क्रिएटर्स को अपनी कमाई बतानी पड़ सकती है
सिर्फ विज्ञापनों से होने वाली कमाई ही नहीं, बल्कि स्पॉन्सरशिप, तोहफे और यहां तक कि मुफ्त में मिलने वाले प्रोडक्ट्स भी अब टैक्से के दायरे में माने जाएंगे।
क्रिएटर्स को अब अपने प्लेटफॉर्म से हुई कमाई के साथ-साथ ब्रांड के साथ मिलकर काम करने या प्रमोशन से मिले पैसे या फायदों का भी हिसाब देना पड़ सकता है। हालांकि, इसमें कुछ छूट भी मिलेगी।
क्रिएटर्स कुछ प्रोडक्शन कॉस्ट (उत्पादन खर्च) का दावा कर सकते हैं और यह भी बता सकते हैं कि उनकी असल कमाई, बेंचमार्क फॉर्मूले से तय की गई आय से कम है।
इस बदलाव के बाद डिजिटल क्रिएटर्स सरकार की सीधी नज़र में आ गए हैं। इसका मकसद पाकिस्तान की लगातार बढ़ रही क्रिएटर इकोनॉमी में ज्यादा से ज्यादा क्रिएटर्स की कमाई को टैक्स के दायरे में लाना है।