हूती विद्रोहियों संग बढ़ा सऊदी अरब का संघर्ष, पाकिस्तान बोला- मक्का समझौते की जिम्मेदारी निभाने को तैयार
क्या है खबर?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों में बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने कहा है कि वह मक्का रक्षा समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि देश रक्षा समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए तैयार है। उन्होंने जियो न्यूज से बात करते हुए कहा, "मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।"
बयान
आसिफ बोले- मक्का की रक्षा के लिए समझौते की जरूरत नहीं
आसिफ ने बताया कि अगर मक्का पर हमला होता है, तो इसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। यानी समझौते के अभाव में भी पवित्र स्थल की रक्षा एक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा, "यह समझौता तीनों देशों में से किसी की भी क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं के उल्लंघन की स्थिति में पारस्परिक रक्षा का प्रावधान करता है।"
इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान सऊदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
समझौता
क्या है मक्का समझौता?
दरअसल, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच मक्का में 7 अगस्त को रक्षा समझौता हुआ था। इसके तहत, तीनों में से किसी भी एक देश पर हुआ हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
फिलहाल सऊदी अरब पर हूती विद्रोही हमले कर रहे हैं। ऐसे में चर्चाएं थीं कि इस समझौते के तहत पाकिस्तान सऊदी की सैन्य मदद करेगा।
हालांकि, अभी तक पाकिस्तान ने सीधा कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।