पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र मार्च भर आंशिक रूप से बंद किया, इस कारण लिया फैसला
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरे मार्च महीने में आंशिक रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि युद्ध के कारण क्षेत्रीय उड़ानों में व्यापक व्यवधान देखा जा रहा है, जिसके बाद पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यह फैसला लिया है। प्राधिकरण ने मार्च के अंत तक वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की है।
हवाई यात्रा
पाकिस्तान में रद्द हुई 167 से उधिक उड़ानें
अल जजीरा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी शहरों और मध्य पूर्वी गंतव्यों के बीच चलने वाली 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। इससे पहले प्राधिकरण ने सोमवार को कहा था कि परिचालन कारणों से 3 से 31 मार्च तक कराची और लाहौर उड़ान सूचना क्षेत्रों में चयनित मार्ग खंड प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे बंदे रहेंगे। इसके लिए पाकिस्तानी प्राधिकरण ने एयरमैन को नोटिस (NOTAM) जारी किया था।
नुकसान
पाकिस्तान को कितना होगा नुकसान?
पाकिस्तान अगर एक महीने तक अपना हवाई क्षेत्र बंद करता है तो उसे करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। हालांकि, यह बंदी आंशिक होगी। वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान एयरलाइंस द्वारा हवाई क्षेत्र के उपयोग से रोजाना औसतन 6.4 करोड़ रुपये कमाता है। अगर आंशिक बंदी रही तो यह कमाई घटकर रोजाना 2 से 3 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इससे एक महीने में करीब 96 करोड़ रुपये का घाटा होगा।
असर
वर्ष 2019 में भी बंद किया था हवाई क्षेत्र
पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में फरवरी से 5 महीने के लिए भारतीय एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र बंद किया था। इसके बाद 2025 में मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय भी यही फैसला लिया था। इस दौरान पाकिस्तान को 5 महीने में 456 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सिर्फ भारतीय एयरलाइंस पर प्रतिबंध से 2 महीने में 121 करोड़ रुपये घाटे का अनुमान था। पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइंस की 100 से 150 उड़ानें प्रभावित होंगी।