पाकिस्तान ने सैनिकों के अपहरण से इनकार किया, BLA की वीडियो में गिड़गिड़ाते दिखे पाक जवान
क्या है खबर?
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा अगवा अपने 7 जवानों की पहचान करने से पाकिस्तानी सरकार ने इनकार कर दिया है। BLA ने 7 पाकिस्तानी जवानों के बदले अपने लड़ाकों को छुड़ाने के लिए शहबाज शरीफ की सरकार को 7 दिन की मोहलत दी थी। अभी तक सरकार की ओर से कोई बयान न आने पर BLA ने जवानों का नया वीडियो जारी किया है, जिसमें सैनिक गिड़गिड़ाते दिख रहे हैं।
बयान
जवान रोते हुए बोला- कैसे कह सकते हैं कि हम पाकिस्तानी सैनिक नहीं हैं
वीडियो में एक सैनिक अपना सैन्य पहचान-पत्र को दिखाते हुए रो रहा है और कह रहा है, "सेना कैसे कह सकती है कि ये हमारे बंदे नहीं हैं। ये आर्मी का कार्ड है, जो उन्होंने हमे दिया है। ये मैंने खुद नहीं बनाया। मेरे पिता विकलांग है, मैं घर का बड़ा बेटा हूं। आप क्यों कह रहे हैं कि ये वीडियो झूठ है।" वीडियो में एक अन्य जवान अपने रैंक और डिवीजन से जुड़ी पूरी जानकारी देते दिख रहा है।
ट्विटर पोस्ट
BLA की ओर से जारी वीडियो
After Pakistan Army denial ,
— Manish Shukla (@manishmedia) February 20, 2026
BLA releases new footage showing Pakistani Army personnel currently in its custody.#BLA #PakistanArmy #Balochistan pic.twitter.com/zGG3HC8xDo
दावा
BLA ने 17 जवानों को पकड़ा था, जिसमें 10 को छोड़ा
BLA ने पिछले दिनों 7 जवानों की तस्वीर जारी कर अपनी मीडिया इकाई हक्कल की ओर से जारी संदेश में कहा था कि उसने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को पकड़ा था, जिसमें 10 छोड़ दिया गया है, लेकिन 7 अभी उनके कब्जे में हैं। महू ने पाकिस्तान सरकार को सदस्यों की अदला-बदली के लिए 7 दिन की मोहलत दी थी। BLA ने बताया कि उसने 10 जवानों को इसलिए छोड़ा क्योंकि उनकी पहचान बलूच के तौर पर हुई थी।
मुद्दा
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री उठा चुके हैं अपने जवानों का मुद्दा
यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को पहचानने से इनकार किया हो। पाकिस्तान भारत के खिलाफ की गई कई कार्रवाई में भी यह हरकत कर चुका है। वर्ष 1999 में करगिल लड़ाई के समय भी उसने सैनिकों के शव लेने से इनकार किया था। यह मुद्दा पिछले दिनों पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में उठाया था और इसे शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि हम अपने सैनिकों को इज्जत नहीं देना चाहते।