पाकिस्तान में कच्चे तेल की कमी; इस्लामाबाद में 8 बजे के बाद लॉकडाउन, कराची में जलसंकट
क्या है खबर?
ईरान युद्ध की वजह से पाकिस्तान में कच्चे तेल की कमी हो गई है। इसका असर अब तेल की कीमतों के साथ ही रोजाना की जिंदगी पर भी देखने को मिल रहा है। इस्लामाबाद में रात 8 बजे के बाद व्यवसायों को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, होटल और रेस्तरों भी 10 बजे तक बंद करने होंगे। ईंधन की बचत करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।
इस्लामाबाद
इस्लामाबाद में मैरिज गार्डनों पर भी लागू हुए प्रतिबंध
इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने 1 जून से व्यवसायों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इसके तहत, राजधानी के बाजारों, दुकानों और शॉपिंग मॉल को रात 8 बजे तक बंद करना होगा, जबकि रेस्तरां और खाद्य आउटलेट रात 10 बजे तक खुले रह सकते हैं। ये प्रतिबंध पूरे सप्ताह लागू रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह के प्रतिबंध शादी समारोह स्थलों और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर भी लागू होंगे।
वजह
क्यों लागू किए गए प्रतिबंध?
जिला प्रशासन ने कहा कि यह उपाय ऊर्जा की खपत को कम करने और चरम मांग के घंटों के दौरान बिजली ग्रिड पर दबाव को कम करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक गतिविधियों को दिन के समय में बढ़ावा देने से ऊर्जा की खपत कम करने और रात के समय बिजली उत्पादन की महंगी प्रणाली पर निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।
पत्र
प्रमुख तेल रिफाइनिंग कंपनी ने सरकार को लिखा चेतावनी भरा पत्र
पाकिस्तान की प्रमुख तेल रिफाइनिंग कंपनी अटॉक रिफाइनरी ने पाकिस्तान सरकार और ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि सड़क प्रतिबंधों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पत्र में कहा गया है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो रिफाइनरी संचालन बंद करने की नौबत आ सकती है। इससे पाकिस्तान में हवाई अड्डे और पावर ग्रिड के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है।
पानी
बिजली की कमी से जलसंकट भी सामने आया
पाकिस्तान में बिजली की कमी के चलते जलसंकट की भी खबरें हैं। कराची में धाबेजी पंपिंग स्टेशन पर ट्रांसफॉर्मर में आई खराबी के बाद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। 21 में से 10 पंपिंग यूनिट्स बंद होने से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति ठप पड़ गई। इस वजह से बकरीद के त्योहार के दौरान लोगों को खासी परेशानियां उठानी पड़ीं। सिंध विधानसभा में भी जलसंकट का मुद्दा उठा है।