यमन में सेना और हूती लड़ाकों के बीच युद्ध में 270 से अधिक मौतें
यमन में चल रहे संघर्ष में हालात और भी खराब हो गए हैं। सऊदी अरब की मान्यता प्राप्त सरकार की सेना और हूती लड़ाकों के बीच हाल में हुई झड़पों में 270 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
यह हिंसा तब बढ़ी, जब हूती लड़ाकों ने लाल सागर के तटवर्ती इलाकों में अपना दबाव बढ़ाना शुरू किया। मामला तब और गंभीर हो गया, जब सऊदी अरब ने बताया कि बुधवार को उसने रियाद की ओर आ रही एक मिसाइल को बीच में ही रोक दिया।
हूती न केवल आंतरिक स्तर पर सेना से लड़ रहा है, बल्कि विद्रोही सऊदी अरब पर भी लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।
बाबल-मंडाब बना हॉटस्पॉट, एयरपोर्ट हमलों से बढ़ा तनाव
वैश्विक जहाजरानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाबल-मंडाब जलडमरूमध्य अब संघर्ष का केंद्र बन गया है। यमन की सरकारी सेना का दावा है कि उसने इसके पास के कई इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया है, हालांकि हूती लड़ाके इस बात से इनकार कर रहे हैं।
इसी बीच, हूती सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब में कई ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें हवाई अड्डे भी शामिल हैं।
खबरें हैं कि जाजान और नजरान हवाई अड्डों पर हुए हमलों में कुछ लोग घायल हुए हैं।
अब जब पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी अरब को मदद के लिए सेना भेजने का वादा किया है, तो इससे शिपिंग मार्गों और पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।