यमन में 4 साल की शांति भंग, हूतियों के साथ संघर्ष में 1.30 लाख लोग बेघर
यमन में पिछले 4 सालों की शांति के बाद एक बार फिर जंग छिड़ गई है, जिसकी वजह से 1.30 लाख से भी अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है।
तैज़ में मूसाब इब्न उमैर नाम का स्कूल बंद हो गया है। ऐसे में, 600 से ज़्यादा बच्चों की पढ़ाई छूट गई है। 13 साल के मुनीर फरी के लिए स्कूल जाने की बजाय अब परिवार का पेट पालने के लिए बाज़ार में काम करना पड़ रहा है।
तैज में 27 सितंबर तक सरकारी बलों ने हूतियों के खिलाफ हवाई और जमीनी हमले तेज कर दिए हैं।
यमन में 32 लाख बच्चों की पढ़ाई रुकी
यहां के एक स्कूल के प्रधानाचार्य अब्दुलवासी अब्दू ने बताया कि लगातार मिसाइल हमलों से लोग घबरा गए हैं और इन्हीं हमलों की वजह से तैज़ का मूसाब इब्न उमैर स्कूल भी बंद हो गया है।
इसकी वजह से 600 से अधिक बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। जरूरी सामान पहुंचाने वाले रास्ते भी बंद हो गए, जिससे खाने-पीने की चीजें और बाकी जरूरत का सामान मिलना मुश्किल हो गया है।
महंगाई भी लगातार बढ़ रही है, जिससे संकट और गहराता जा रहा है। खाने और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहे परिवारों के 32 लाख से अधिक बच्चों की पढ़ाई रुक गई है।