इजरायल में अरब पार्टियों के समर्थन से बन सकती है सरकार, नेतन्याहू ने गठबंधन से इनकार किया
इजरायल में हुए संसदीय चुनावों में कोई भी साफ विजेता नहीं उभरा है। न तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को और न ही उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट को अकेले सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें मिल पाई हैं।
चुनाव के परिणाम 4 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। अभी अंतिम वोटों की गिनती अभी भी जारी है। ऐसे में सामने आए एग्जिट पोल के नतीजों ने चर्चा बढ़ा दी है।
एग्जिट पोल ने किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं दिया है, लेकिन अरब पार्टियों के हाथ में सरकार बनाने लायक सीट दी हैं, जिससे गठबंधन बनाने के लिए पार्टियों के बीच बातचीत शुरू हो सकती है।
नेतन्याहू ने अरब पार्टियों से समर्थन लेने से इनकार कर दिया है।
इजरायल की अरब पार्टियां बन सकती हैं 'किंगमेकर'
इस बार के चुनावों में अरब पार्टियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और वे सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, नेतन्याहू ने अपने समर्थकों से साफ कहा है कि वे इन पार्टियों के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे।
उन्होंने इन पार्टियों पर इजरायल के दुश्मनों का साथ देने का आरोप लगाया और कहा कि इनके साथ किसी भी तालमेल की कोई गुंजाइश नहीं है।
दूसरी तरफ, गादी आइजेनकोट अरब पार्टियों के साथ काम करने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन उनकी कुछ शर्तें हैं। जैसे कि ये पार्टियां इजरायल को एक यहूदी और लोकतांत्रिक देश के तौर पर स्वीकार करें। हालांकि, इसमें भी अड़चन आ सकती है।