नेपाल में ISI पर NID की बड़ी जांच, हिंसा के पीछे पाकिस्तान, तुर्की, कतर से अवैध फंडिंग का शक
नेपाल के राष्ट्रीय जांच विभाग (NID) ने पाकिस्तान की ISI के खिलाफ जांच शुरू की है। यह जांच सुनसरी जिले में 26 जुलाई को हुई हिंसक घटनाओं के बाद की जा रही है। यह हिंसा हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच धार्मिक झंडे और लाउडस्पीकर को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई थी। बात तब और बिगड़ गई जब एक मदरसा के पास हमला हुआ और इसके बाद पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर झड़पें शुरू हो गईं। हिंसा रोकने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा और हालात काबू करने के दौरान उन्हें गोलियां भी चलानी पड़ीं। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की जान चली गई और सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।
NID पाकिस्तान, तुर्की और कतर से आने वाले पैसों की कर रहा जांच
सुनसरी की यह हिंसा सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रही, बल्कि जल्द ही नेपाल के तराई इलाके में भी फैल गई। अब NID इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं पाकिस्तान, तुर्की और कतर से अवैध तरीके से पैसा नेपाल तो नहीं भेजा जा रहा है। खबरों के मुताबिक, तुर्की में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के एक मौलवी और 9 बांग्लादेशी मौलवियों ने इस तनाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां भारत-नेपाल सीमा पर ऐसी मस्जिदों और मदरसों की भी जांच कर रही हैं जो सरकारी रजिस्टर में दर्ज नहीं हैं। वे यह पता लगाना चाहती हैं कि कहीं इन्हें बाहर से पैसा तो नहीं मिल रहा है।