LOADING...
7,000 फीट ऊंचाई, नेवी सील टीम और 36 घंटे; अमेरिका ने ऐसे बचाया अपना पायलट
ईरान के भीतर अमेरिकी पायलट को बचाने के अभियान की जानकारी सामने आई है

7,000 फीट ऊंचाई, नेवी सील टीम और 36 घंटे; अमेरिका ने ऐसे बचाया अपना पायलट

लेखन आबिद खान
Apr 05, 2026
05:46 pm

क्या है खबर?

शुक्रवार को ईरान में मार गिराए गए F-15E विमान के दूसरे पायलट को भी अमेरिका ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सैन्य इतिहास का सबसे साहसिक बचाव अभियान बताया है। करीब 2 दिन तक चले इस बचाव अभियान के बारे में अब अहम जानकारियां सामने आने लगी हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया है कि पायलट के पास एक हैंडगन और एक संचार उपकरण था, जिसमें अभियान में काफी मदद की।

पहाड़

7,000 फीट ऊंचे पहाड़ में छिपा पायलट

रॉयटर्स ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि पायलट ने दुश्मन के इलाके में गिरते ही सबसे पहले खुद को मलबे से दूर ले जाने का काम किया। इसके बाद वे खुद को छिपाने के लिए 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी पर गए और एक दरार में छिप गए। हालांकि, इससे उनकी लोकेशन और बचाव अभियान को लेकर चुनौतियां और बढ़ गईं। इस दौरान अमेरिका के साथ-साथ ईरान भी पायलट की तलाश कर रह था।

उपकरण

खुफिया उपकरण से पायलट ने भेजी लोकेशन

रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट के पास एक सुरक्षित संचार उपकरण भी था, जिससे वे अमेरिकी सेना के साथ बातचीत कर सकते थे। इस उपकरण के बारे में खास जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन ये GPS पोजिशनिंग, एन्क्रिप्टेड रेडियो संचार और सैटेलाइट बीकन से लैस था। इसकी मदद से पायलट ईरानी अधिकारियों से बचते हुए अपनी लोकेशन अमेरिकी सेना के साथ साझा कर सकते थे। लोकेशन सामने आते ही इसकी जानकारी व्हाइट हाउस को दी गई।

Advertisement

CIA

CIA ने ईरानी बलों को धोखा देने के लिए उठाया ये कदम

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने एक ईरानी बलों को धोखा देने के लिए अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य ईरानी सेना को यह भरोसा दिलाना था कि पायलट मिल चुका है और उसे जमीनी रास्ते से देश से बाहर ले जाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ईरानी सैनिकों का ध्यान पायलट के असली ठिकाने से हटाना था। ईरानी बलों को पायलट तक पहुंचने से रोकने के लिए विमान लगातार बम गिरा रहे थे।

Advertisement

सील टीम

लादेन को मारने वाली नेवी सील टीम थी शामिल 

इस बचाव अभियान में सैकड़ों विशेष अभियान कर्मी, दर्जनों विमान और साइबर और खुफिया क्षमताओं का समन्वय शामिल था। नौसेना की सील टीम 6 ने अभियान को अंजाम दिया। ये वही टीम है, जिसने 2011 में पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मारा था। सील टीम को अमेरिकी वायु सेना के जवानों ने कई स्तरों पर लड़ाकू सहायता प्रदान की गई ताकि वे बचे रह सकें। ईरान ने कहा कि अमेरिकी बचाव अभियान के दौरान 5 लोग मारे गए।

विमान

अमेरिका ने अपने ही 2 विमानों को मार गिराया

अमेरिका को कम से कम 2 विमानों का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ये परिवहन विमान थे, जो ईरानी क्षेत्र के भीतर स्थित बेस पर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद 3 वैकल्पिक विमान भेजे गए और सभी कर्मियों को सुरक्षित निकाला गया। अमेरिका ने खराब हुए अपने 2 विमानों को खुद ही नष्ट कर दिया, ताकि कोई सबूत या संकेत न बचे। हालांकि, ईरान ने ये विमान मार गिराने का दावा किया है।

Advertisement