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आयातुल्लाह खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई चुने गए ईरान के नए सुप्रीम लीडर- रिपोर्ट
मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की खबरें हैं

आयातुल्लाह खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई चुने गए ईरान के नए सुप्रीम लीडर- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Mar 04, 2026
09:32 am

क्या है खबर?

दिवंगत अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरान इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों की सभा ने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सर्वोच्च नेता चुना है। 56 वर्षीय मोजतबा अली खामेनेई के दूसरे और छोटे बेटे हैं और लंबे समय से वे संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे थे।

दबाव

IRGC ने विशेषज्ञ सभा पर मोजतबा को चुनने का दबाव डाला- रिपोर्ट

रिपोर्ट में ये भी दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने सुप्रीम लीडर चुनने वाले मौलवियों के संगठन विशेषज्ञ सभा पर मोजतबा का समर्थन करने के लिए भारी दबाव डाला। रिपोर्ट में कहा गया है "IRGC ने इकट्ठा हुए मौलवियों के समूह पर भारी दबाव डाला कि वे मोजतबा को शासन के नए नेता के रूप में चुनें।" हालांकि, सरकारी मीडिया ने अभी तक इस नियुक्ति की पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट

मोजतबा क्यों चुने गए उत्तराधिकारी?

रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा के IRGC से घनिष्ठ संबंध हैं और माना जाता है कि वे पर्दे के पीछे काफी प्रभाव रखते हैं। खबरों के अनुसार, असल में वे ही सुप्रीम लीडर के कार्यालय का प्रबंधन करते थे और कई विश्लेषकों द्वारा उन्हें व्यवस्था के भीतर एक प्रमुख शक्ति माना जाता है। वे धर्मगुरु भी हैं और ईरान-इराक युद्ध के दौरान ईरान की सशस्त्र सेना में सेवाएं भी दे चुके हैं।

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परिचय

कौन हैं मोजतबा?

मोजतबा अयातुल्लाह के दूसरे और छोटे बेटे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर, 1969, मशहद में हुआ था। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद धर्मशास्त्र का अध्ययन किया है। उसके बाद 1999 में उन्होंने मौलवी बनने के लिए कोम में पढ़ाई की। मोजतबा की पहचान एक धार्मिक और राजनीतिक व्यक्ति के रूप में है। वह सर्वोच्च नेता के कार्यालय में एक कमांडिंग ऑफिसर हैं। वे ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध में भाग ले चुके हैं।

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आरोप

मोजतबा पर लग चुका है सरकारी धन के गबन का आरोप

मोजतबा 2005 और 2009 में ईरान के चुनावों में महमूद अहमदीनेजाद के समर्थक थे। अहमदीनेजाद की जीत के बाद 2009 में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से कुचलने की वजह से वे पहली बार चर्चा में आए। अहमदीनेजाद के साथ रहते हुए उन पर सरकारी खजाने से धन के गबन का आरोप लगा। इसके बाद मोजतबा ने अहमदीनेजाद का साथ छोड़ दिया और अपने पिता के साथ काम करने लग गए।

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