मोहन भागवत का प्रवासी भारतीयों को 'संतुलन' मंत्र: अमेरिका में जिएं, भारत से भी जुड़ें
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अमेरिका में अपने जीवन और भारत से अपने जुड़ाव के बीच संतुलन बनाए रखें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "हम अमेरिका में हैं। हम अमेरिका में रहते हैं। यहीं कमाते हैं। तो हम अमेरिका के ही हैं। और हमें अमेरिका के प्रति सच्चा रहना चाहिए।"
उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे जिस देश में रह रहे हैं, उसके प्रति वफादार रहें और साथ ही भारत के साथ अपने रिश्तों को भी मजबूत बनाए रखें।
मोहन भागवत ने रक्षाबंधन को एकता का प्रतीक बताया
भागवत ने रक्षाबंधन को एकता और सद्भाव का प्रतीक बताते हुए उसकी सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके हम एक ज्यादा शांतिपूर्ण दुनिया बना सकते हैं।
भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि दुनियाभर की चुनौतियों से निपटने में प्रवासी भारतीयों की बड़ी भूमिका है। वे अपनी मातृभूमि और अपने नए देश, दोनों का समर्थन करते हुए इन चुनौतियों का सामना करने में अहम योगदान दे सकते हैं।