मलेशिया में म्यांमार के सैन्य-समर्थित नेता का दौरा, शरणार्थियों की घर वापसी पर होगी बातचीत
म्यांमार के सैन्य-समर्थित नेता मिन आंग ह्लाइंग बुधवार को मलेशिया के 2 दिवसीय दौरे पर पहुंच गए हैं। वे यहां म्यांमार के नागरिकों को वापस भेजने और क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करने पर बात करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हालात काफी तनावपूर्ण हैं। संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायुक्त और मानवाधिकार समूह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अस्थिर म्यांमार में वापस लौटने वालों की सुरक्षा कैसी होगी।
मिन के तख्तापलट के बाद से विदेश दौरे कम हो गए हैं, जिसके कारण गृहयुद्ध छिड़ गया, लेकिन मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उन्हें 5,000 म्यांमार प्रवासियों की वापसी के बारे में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
मलेशिया ने करीब 1,500 लोगों को वापस भेजा
मिन की अनवर इब्राहिम से मुलाकात के दौरान करीब 5,000 म्यांमार नागरिकों को वापस भेजने पर चर्चा करेंगे।
मिन के आने से कुछ ही दिन पहले मलेशिया ने करीब 1,500 लोगों को वापस भेजकर यह प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जिस पर मानवाधिकार समूहों ने आपत्ति जताई है।
खासतौर पर इसलिए क्योंकि यह साफ नहीं है कि वापस भेजे गए लोगों में रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यक भी शामिल थे या नहीं, जिन्हें घर भेजे जाने पर असली खतरा हो सकता है।
मलेशिया, जो शरणार्थियों को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं देता, इस नीति को अपनी आव्रजन चुनौतियों से निपटने का तरीका बताता है।