अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकी दिखा रहे दम, 8 उम्मीदवार मैदान में
3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से कांग्रेस में काफी उलटफेर देखने को मिल सकता है।
डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि वे प्रतिनिधि सभा या फिर सीनेट पर कब्जा जमा सकते हैं। इस साल सुर्खियों में एक बड़ी वजह भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार हैं। कुल 8 भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
इनमें रोहित खन्ना और प्रमिला जयपाल जैसे जाने-माने डेमोक्रेट्स भी शामिल हैं, जो रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी रितेश टंडन और नीरव सेठ से मुकाबला कर रहे हैं।
दिलचस्प बात है कि रिपब्लिकन रितेश टंडन भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।
भारतीय-अमेरिकी अमेरिकी राजनीति में बढ़ा रहे अपना प्रभाव
55 लाख से ज्यादा की आबादी वाला भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी राजनीति में पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय दिख रहा है।
इस बार के चुनाव में सिर्फ अमी बेरा जैसे स्थापित नाम ही नहीं, बल्कि सुहास सुब्रमण्यम जैसे नए चेहरे भी चुनाव लड़ रहे हैं। यह बात दिखाती है कि यह समुदाय राजनीति में अपना कितना प्रभाव बढ़ा रहा है।
इन नतीजों से न सिर्फ कांग्रेस का भविष्य तय होगा, बल्कि यह भी साफ होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने कार्यकाल के आखिरी 2 सालों में कितनी ताकत से काम कर पाएंगे।