अमेरिकी सांसदों ने सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते का विरोध किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के बीच प्रस्तावित परमाणु समझौते पर 2 डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले और एडवर्ड मार्की ने रोक लगाने की मांग की है।
उनका मानना है कि इस समझौते में यूरेनियम संवर्धन और सुरक्षा जांच के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनका डर है कि अगर यह समझौता आगे बढ़ता है, तो मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की एक नई होड़ शुरू हो सकती है।
इस मामले में उन्होंने एक प्रस्ताव भी पेश किया है, जिसमें मांग की गई है कि कोई भी कदम उठाने से पहले इस समझौते पर सीनेट में वोटिंग कराई जाए।
ऐसा होने पर इस बड़े विदेश नीति के फैसले में अमेरिकी कांग्रेस की भूमिका काफी अहम हो जाएगी।
निगरानी की कमी से बढ़ सकता है परमाणु प्रसार का खतरा
मुख्य चिंता यही है कि अगर इस समझौते पर ठीक से निगरानी नहीं रखी गई, तो परमाणु हथियारों के प्रसार और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा काफी बढ़ सकता है। सीनेट में इस समझौते पर 29 नवंबर के बाद मतदान होना तय है। इसका मतलब है कि सांसदों के पास अभी भी काफी समय है कि वे कोई भी समझौता लागू होने से पहले इस पर अपनी राय रख सकें।