अंकिता भंडारी के परिजन दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का क्यों कर रहे हैं विरोध?
क्या है खबर?
उत्तराखंड का अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। बीती रात अंकिता के परिजनों ने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं को भी उनका साथ मिला। अंकिता के परिजन भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। आइए जानते हैं मामले का दुष्यंत को राज्यपाल बनाने से क्या संबंध हैं।
हत्याकांड
सबसे पहले अंकिता भंडारी हत्याकांड के बारे में जानिए
19 वर्षीय अंकिता उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती थीं। 18 सितंबर, 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। 5 दिन बाद उनका शव नहर से मिला था।
आरोप है कि अंकिता पर रिसॉर्ट में आए 'मेहमानों को विशेष सेवा' देने का दबाव बनाया गया था। इससे मना करने पर उनकी हत्या कर दी गई।
इस मामले में भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को सजा हुई है।
जांच
चैट में था VIP को 'विशेष सेवाएं' देने का जिक्र
जांच के दौरान अंकिता की व्हाट्सऐप चैट सामने आई थी। इसमें अंकिता ने अपनी सहेली से कहा था कि रिसॉर्ट का मालिक उस पर 10,000 रुपये के बदले एक VIP को 'विशेष सेवाएं' देने का दबाव डाल रहा था।
मना करने पर अंकिता की पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता से कहासुनी भी हुई थी।
पुलकित की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड भाजपा ने उसके पिता विनोद आर्य और बड़े भाई को पार्टी से निकाल दिया था।
दुष्यंत
मामले में दुष्यंत गौतम का नाम क्यों सामने आ रहा है?
अभी तक ये पता नहीं चला है कि किस VIP को विशेष सुविधाएं देने की बात हो रही थी। अंकिता के माता-पिता ने बार-बार मांग की है कि इस VIP की पहचान उजागर की जाए।
हालांकि, उनका कहना है कि ये VIP भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम हैं।
इसी साल जनवरी में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने भी ऑडियो क्लिप जारी कर आरोप लगाए थे कि वो VIP दुष्यंत ही थे।
विरोध
दुष्यंत को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध
हाल ही में केंद्र सरकार ने दुष्यंत को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया है। इसी के विरोध में अंकिता के परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं।
उनके पिता ने कहा, "हमने सुना है कि VIP की मेरी बेटी की हत्या में अहम भूमिका थी। अब केंद्र और उत्तराखंड सरकार ने गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया है। हम सरकार और राष्ट्रपति से निवेदन करते हैं कि CBI जांच पूरी होने तक उन्हें राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।"
दुष्यंत का पक्ष
आरोपों पर दुष्यंत का क्या कहना है?
दुष्यंत शुरू से ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते आए हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने आरोपों को लेकर एक FIR भी दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा था कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी पत्नी उर्मिला सनावर ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा है।
उन्होंने कहा था कि जांच, चार्जशीट और कोर्ट कार्यवाही में कहीं भी उनका नाम सामने नहीं आया है।