Loading...
मक्का रक्षा समझौते की औपचारिकता पूरी, क्या अब हूती के खिलाफ सऊदी की मदद करेंगे पाकिस्तान-तुर्की?
मक्का रक्षा समझौते की औपचारिकता पूरी

मक्का रक्षा समझौते की औपचारिकता पूरी, क्या अब हूती के खिलाफ सऊदी की मदद करेंगे पाकिस्तान-तुर्की?

लेखन गजेंद्र
Oct 06, 2026
03:21 pm

क्या है खबर?

सऊदी अरब में यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को औपचारिक रूप दे दिया गया है। इसकी पुष्टि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने की है। आसिफ ने बताया कि मक्का समझौते की संगठनात्मक संरचना को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया गया है और इसके महासचिव की नियुक्ति की पुष्टि कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य अभियान जारी रखे हैं।

अभियान

क्या बोले आसिफ?

आसिफ ने कहा कि समझौते से संबंधित आपातकालीन बैठक मुख्य रूप से इसके संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित थी, न कि विशेष रूप से हूतियों के खिलाफ युद्धक्षेत्रीय अभियानों के समन्वय के लिए।

आसिफ ने कहा, "मक्का समझौते की संरचना को औपचारिक रूप दिया गया है, मक्का समझौते के लिए नियुक्त महासचिव की पुष्टि हो गई है, और सभी संबंधित मामलों को अनुमोदित कर दिया गया है।"

भूमिका

क्या पाकिस्तान-तुर्की देंगे सऊदी का साथ?

आसिफ ने इस बात की भी पुष्टि की कि सऊदी अरब में पाकिस्तान और तुर्की की मौजूदगी तो है, लेकिन वे हूतियों के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों का नेतृत्व नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान-तुर्की दोनों देशों की वहां मौजूदगी है। हालांकि, सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ रहा है, जहां सक्रिय रूप से युद्ध चल रहा है, जबकि हम वहां मौजूद हैं और हर तरह की सहायता और समर्थन प्रदान कर रहे हैं।"

ADVERTISEMENT

बैठक

सिर्फ सहायक भूमिका निभा रहा पाकिस्तान-तुर्की

आसिफ ने आगे कहा कि पाकिस्तान और तुर्की की सशस्त्र सेनाएं वर्तमान में सीधे तौर पर युद्ध अभियान चलाने के बजाय सहायक भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा, "हम वर्तमान में ऐसी स्थिति में हैं, जहां तुर्की और पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं सहायक भूमिका निभा रही हैं। निश्चित रूप से, पुनर्निर्माण और इस तरह की सभी चीजें ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हम शामिल हैं, लेकिन असल में लड़ाई सऊदी अरब की अपनी सेनाओं द्वारा लड़ी जा रही है।"

ADVERTISEMENT

समझौता

क्या है मक्का समझौता?

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौता हुआ था।

इसके तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला सभी देशों पर हमला माना जाएगा। हाल ही में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर कई हमले किए हैं।

इसके बाद उम्मीद थी कि पाकिस्तान इस समझौते की प्रतिबद्धता को निभाते हुए हूतियों के खिलाफ सऊदी का साथ देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसे लेकर पाकिस्तान की आलोचना भी हुई थी।

ADVERTISEMENT