ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव: लूला और बोल्सोनारो की पहली भिड़ंत ने किया माहौल गरम
ब्राजील में राष्ट्रपति पद की दौड़ अब काफी गरमा गई है। अंतिम मतदान से बस एक हफ्ता पहले, राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो पहली बार एक-दूसरे के आमने-सामने आए, जहां दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई।
पहले दौर के नतीजों ने सबको चौंका दिया था, क्योंकि बोल्सोनारो ने थोड़ी बढ़त बना ली थी। ऐसे में, इस बहस पर सबकी निगाहें टिकी थीं। इस चुनाव अभियान में काफी ड्रामा देखने को मिला है। इसमें बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, कई घोटाले सामने आए और तो और लूला के खेमे ने मेटा पर चुनावी पक्षपात करने का आरोप भी लगाया है।
राष्ट्रपति लूला ने इन्फ्लुएंसर्स को जोड़ा, मेटा पर लगाए आरोप
लूला सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने युवा वामपंथी इन्फ्लुएंसर्स को अपने साथ जोड़ लिया है ताकि अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकें। उनकी टीम का कहना है कि मेटा की कंटेंट पाबंदियां ठीक नहीं हैं और यह उनके साथ अन्याय है।
वहीं, मेटा का दावा है कि ये सिर्फ तकनीकी खामियां हैं। इस बीच, बोल्सोनारो अपराध पर सख़्त रवैये और संवैधानिक सुधारों पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। उन्होंने लूला पर निशाना साधते हुए कहा है कि 'लूला वोट पाने के लिए लोगों को धोखा देते हैं।' चुनावी सर्वेक्षणों से पता चलता है कि मुकाबला बेहद कड़ा है, इसलिए इस समय उठाया गया हर कदम निर्णायक साबित होगा।