अमेरिका में इंजेक्शन से मृत्युदंड का प्रयास बना 'टॉर्चर', कैदी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौत की सजा पाई 50 साल की क्रिस्टा पाइक को 30 सितंबर मौत की सजा दी गई थी, लेकिन प्रयास फेल होने के बाद वह गंभीर हालत में पहुंच गई हैं।
इस प्रक्रिया में अदालती फैसलों की वजह से 8 घंटे की देरी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आखिर में आगे बढ़ने की इजाजत दी, लेकिन फांसी देने के दौरान कुछ मेडिकल दिक्कतें आने से पाइक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस समय पाइक अपनी जिंदगी के लिए जूझ रही हैं। बता दें कि पाइक हत्या की दोषी हैं।
पाइक की थ्रोम्बोसाइटोसिस ने जानलेवा इंजेक्शन के प्रयास को मुश्किल बना दिया
अस्पताल में इलाज के दौरान पता चला कि पाइक को थ्रोम्बोसाइटोसिस है, जिसमें इंसान के शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ जाते हैं। इसी वजह से जानलेवा इंजेक्शन लगाने के लिए उसकी नस ढूंढना काफी मुश्किल हो गया।
कम से कम 7 बार सुई लगाने की कोशिश की गई, जिससे उसकी हालत और भी खराब हो गई। फांसी वाली दवा की दो खुराकें देने के बाद भी, गवाहों ने बताया कि उसे होश आने में दिक्कत हो रही थी।
उसके वकील ने इस घटना को "केमिकल टॉर्चर" करार दिया है। इससे यह सवाल खड़े हो गए हैं कि फांसी की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है, खासकर तब जब कैदी को गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हों।