अमेरिका में मौत की सज़ा में चूक के कारण बच निकली महिला कैदी, मृत्युदंड के तरीकों पर उठे सवाल
टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को जब मृत्युदंड देने की कोशिश की गई, तो वह बच गईं। दरअसल, उनको जो जानलेवा इंजेक्शन दिया गया था, वह ठीक से काम नहीं कर पाया और वह जागती रहीं, यहां तक कि बातें भी कर रही थीं। पाइक को 1995 के एक हत्या के मामले में मौत की सजा मिली थी, लेकिन उनके इस तरह बच जाने के बाद अमेरिका में मौत की सजा कितनी सही और भरोसेमंद है, इस पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
पिछले साल अमेरिका में 47 लोगों को दिया गया मृत्युदंड
पाइक का यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब अमेरिका में मृत्युदंड के मामलों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। पिछले साल ही कुल 47 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था। कुछ नेता दावा करते हैं कि मौत की सजा से अपराध रुकते हैं। वहीं, 'US कैंपेन टू एंड द डेथ पेनाल्टी' की कार्यकारी निदेशक लॉरा पोर्टर जैसे आलोचक मानते हैं कि ऐसी घटनाओं से पता चलता है कि मृत्युदंड देने के तरीके में कहीं न कहीं बड़ी समस्या है। यह पूरी घटना इस बात पर फिर से सोचने की जरूरत बता रही है कि क्या मौत की सजा जारी रखनी चाहिए और अगर हां, तो किस तरीके से।