जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची का चीन को कड़ा संदेश, कहा- अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र की दृढ़तापूर्वक रक्षा करेंगे
क्या है खबर?
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने चुनाव जीतने के बाद ताइवान मामले पर चीन को कड़ा संदेश देते हुए जल और हवाई क्षेत्र समेत अपनी संभ्रुता की रक्षा का संकल्प दोहराया है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जो राष्ट्र अपने दम पर अपनी रक्षा करने का संकल्प नहीं रखता, उसकी सहायता के लिए कोई नहीं आएगा। हम अपने राष्ट्र की शांति और स्वतंत्रता, अपने क्षेत्र, क्षेत्रीय जलक्षेत्र, हवाई क्षेत्र और अपने नागरिकों के जीवन-सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करेंगे।"
संदेश
जापान का खुफिया ढांचा होगा मजबूत- ताकाइची
ताकाइची ने जापान के खुफिया ढांचे को मजबूत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "हम खुफिया क्षमताओं को बढ़ाएंगे। अपनी राष्ट्रीय खुफिया विश्लेषण क्षमताओं को मजबूत करेंगे, संकटों को रोकेंगे और अपने राष्ट्रीय हितों की रणनीतिक रक्षा के लिए एक प्रणाली स्थापित करेंगे।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक राष्ट्रीय खुफिया ब्यूरो स्थापित करने और जापान में विदेशी निवेश से उत्पन्न राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों की समीक्षा के लिए एक कानून लाकर समिति गठित करने की योजना बना रही है।
योजना
चीन ने जापानी प्रधानमंत्री को जवाब दिया
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ताकाइची की जीत और उनकी टिप्पणियों को लेकर कहा कि जापान के प्रति चीन की नीति स्थिर और सुसंगत रही है, और एक चुनाव के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने ताकाइची से गलत टिप्पणियों को वापस लेने और चीन-जापान संबंधों की राजनीतिक नींव को बनाए रखने के लिए आवश्यक ईमानदारी प्रदर्शित करने हेतु ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
जीत
ताकाइची की जीत चीन के लिए सिरदर्द?
ब्रिटेन की 'लौह महिला' मार्गरेट थैचर से प्रेरित ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने सहयोगी जापान इनोवेशन पार्टी के साथ 8 फरवरी के चुनाव में निचले सदन की 465 सीटों में 352 सीटें जीती हैं। इस जीत को ताकाइची की चीन के प्रति सख्त नीति को समर्थन के रूप में देखा गया है। नवंबर 2025 में जापानी संसद में ताकाइची ने कहा था कि अगर चीन जापान पर हमला करता है तो जापान कानून के तहत सैन्य कार्रवाई करेगा।