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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा

लेखन गजेंद्र
Jan 21, 2026
11:13 am

क्या है खबर?

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या करने वाले व्यक्ति को जापानी कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जापान के सार्वजनिक प्रसारक NHK ने बुधवार को बताया कि नारा जिला कोर्ट ने 45 वर्षीय दोषी तेत्सुया यामागामी को सजा सुनाई है, जिसने आबे की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। अभियोजकों ने आजीवन कारावास की मांग करते हुए इस हत्या को "युद्धोत्तर इतिहास में अभूतपूर्व और अत्यंत गंभीर घटना" बताया था।

हत्या

बचाव पक्ष के वकीलों ने की थी हल्की सजा की मांग

जिला कोर्ट ने यामागामी को हत्या और आग्नेयास्त्र संबंधी अपराधों का दोषी पाया और अभियोजन पक्ष की आजीवन कारावास की मांग का समर्थन किया। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने यूनिफिकेशन चर्च द्वारा यामागामी के परिवार को पहुंचाए गए स्थायी आघात का हवाला देते हुए हल्की सजा की दलील दी। उन्होंने विवादास्पद धार्मिक संगठन से जुड़े परिवार में उनके पालन-पोषण का हवाला देते हुए 20 साल से अधिक सजा न देने का अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया।

मामला

चुनावी भाषण देते समय मारी गई थी गोली

जापान के नारा शहर में 8 जुलाई, 2022 को एक रेलवे स्टेशन के पास आबे चुनावी भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में शामिल यामागामी ने उन्हें गोली मार दी थी। घटना के फुटेज में 2 गोलियों की आवाज सुनाई दी और पूर्व प्रधानमंत्री आबे सीने पर हाथ रखकर गिर पड़े। उनकी तुरंत मौत हो गई थी। पुलिस ने यामागामी को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया था। उसने हत्या के लिए घर में बनी बंदूक का इस्तेमाल किया था।

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कारण

दोषी ने क्या बताया था हत्या का कारण?

मुकदमे के दौरान, यामागामी ने कोर्ट में कहा था कि उसके कार्यों के पीछे यूनिफिकेशन चर्च के प्रति घृणा का भाव था, जिसे फैमिली फेडरेशन फॉर वर्ल्ड पीस एंड यूनिफिकेशन नाम से जानते हैं। उसने कहा कि उसने आबे द्वारा चर्च से जुड़े एक समूह को भेजे गए वीडियो संदेश को देखने के बाद उनकी हत्या करने का फैसला किया था। उसने बताया कि उसने नीतिगत मतभेद नहीं बल्कि संगठन को नुकसान पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया था।

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